|
कोई विदेशी ताकत हमें हुक्म न दे: भारत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने कहा है उसकी भूमि पर सैनिक हटाने या फिर सेना को कहीं दोबारा तैनात करना भारत का अपना फ़ैसला है और इस बारे में कोई विदेशी ताकत या सरकार उसे हुक्म नहीं दे सकती. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के एक भारतीय टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में जम्मू-कश्मीर के तीन शहरों से सैनिक हटाने की बात पर टिप्पणी करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने ये प्रतिक्रिया दी है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने कहा कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की पेशकश सशर्त लगती है जिसके अनुसार भारत इन शहरों से सैनिक हटाए तो पाकिस्तान वहाँ चरमपंथी गतिविधियाँ नहीं होने देगा. उनका आगे कहना था कि पाकिस्तान ख़ुद की प्रशासित ज़मीन से कोई ऐसी गतिविधि को न होने देने का वादा कर चुका है और अब उसे अपना वादा निभाना चाहिए. प्रारंभिक प्रतिक्रिया शनिवार को देर शाम बुलाए पत्रकार सम्मेलन में नवतेज सरना का कहना था, "हमने पूरा इंटरव्यू देखा नहीं है और पूरी प्रतिक्रिया तो तभी आएगी. लेकिन हमने कुछ एजेंसी रिपोर्टें देखी हैं और टीवी चैनलों पर हमने इंटरव्यू के कुछ अंश भी देखे हैं. जो कुछ हमने अब तक देखा है उसके आधार पर प्रारंभिक प्रतिक्रिया देना संभव है." उनका कहना था कि उन्होंने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के सैनिक हटाने के मुद्दे पर टिप्पणी सुनी है और इस बार जम्मू-कश्मीर के तीन ख़ास शहरों की बात है. उनका कहना था कि कहीं से सैनिक हटाने या कहीं और तैनात करने का फ़ैसला भारत के किसी भी भाग में सुरक्षा की स्थिति के भारत के आकलन पर ही आधारित होगा. नवतेज सरना ने कहा, "जब तक जम्मू-कश्मीर या फिर भारत के किसी अन्य भाग में सुरक्षा की स्थिति सीमापार आतंकवाद और हिंसा से प्रभावित होगी, तब तक भारत सरकार अपने नागरिकों के जानमाल की सुरक्षा के लिए अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभाएगी. 'सशर्त सैनिक हटाने की बात' भारत लगातार पाकिस्तान पर भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर में सीमापार से चरमपंथ को बढ़ावा देना का आरोप लगाता आया है. लेकिन पाकिस्तान इसका खंडन करता है और कहता है कि वह कश्मीरी चरमपंथियों को केवल नैतिक समर्थन देता है. नवतेज सरना का कहना था कि ऐसे संकेत हैं कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ सशर्त सैनिक हटाने की बात कर रहे है, यानि भारत तीन शहरों से सैनिक हटाता है तो राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ये सुनिश्चित करेंगे कि वहाँ कोई चरमपंथी गतिविधियाँ न हों. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "लेकिन हम यहाँ पर आतंकवाद की बात कर रहे हैं, ये केवल चरमपंथी गतिविधियों की बात नहीं है." उनका कहना था, "पाकिस्तान के राष्ट्रपति बार-बार विश्वास दिला चुके हैं कि पाकिस्तान के प्रशासित भूमि के किसी भी हिस्से को भारत के ख़िलाफ़ सीमापार आतंकवाद के लिए इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा. इस वादे को पूरा करना किसी भी शर्त के साथ नहीं जुड़ा हुआ और पाकिस्तान को अपने वादे को तत्काल पूरा करना चाहिए." उनका कहना था कि ऐसा इसलिए ज़रूरी है ताकि दोनो देशों के बीच शांति प्रक्रिया में प्रगति हो सके. और दोनो देश शांति और दोस्ती के साथ अच्छे पड़ोसियों की तरह रह सकें. इसी के साथ नवतेज सरना का कहना था कि लक्ष्य भारतीय सीमा और सीमा नियंत्रण रेखा पर शांति कायम करना होना चाहिए ताकि सेनाओं को एक दूसरे के नज़दीक तैनात करने की ज़रूरत ही न पड़े. उन्होंने फिर ज़ोर देकर कहा, "सीमापार आतंकवाद पूरी तरह से बंद होना चाहिए और आतंकवाद का तंत्र पूरी तरह से ख़त्म होना चाहिए ताकि ये लक्ष्य पूरी तरह से और जल्द हासिल किया जा सके." राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की इंटरव्यू में स्वायत्ता के ज़िक्र पर भारत का कहना था कि वह इस पर अपना रवैया पहले ही स्पष्ट कर चुका है और ये मामला भारत-पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच ढाका में उठा था. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "भारत के प्रधानमंत्री ने तब कहा था कि भारत के संविधान के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर में पहली ही स्वायत्ता है और वहाँ निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों के बाद चुनी गई सरकार सत्ता में है." पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए भारत का कहना था कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में स्वायत्ता नहीं है और गिलगित और बालटिस्थान में लोगों का मत जानने के लिए चुनाव नहीं हुए हैं. नवतेज सरना का कहना था, "इस पृष्ठभूमि में देखा जाए तो जम्मू-कश्मीर, जो भारत का अभिन्न अंग है, उस पर संयुक्त प्रशासन या प्रबंधन, जम्मू-कश्मीर मुद्दे को सुलझाने का आधार नहीं बन सकता." | इससे जुड़ी ख़बरें शौकत अज़ीज़ की नटवर सिंह से मुलाक़ात23 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस संप्रभुता पर कोई बातचीत नहीं: मनमोहन22 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस कश्मीर पर एकतरफ़ा रियायत नहीं: मुशर्रफ़20 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस शांति वार्ता को आगे बढ़ाएँगे अज़ीज़20 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||