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कश्मीर पर एकतरफ़ा रियायत नहीं: मुशर्रफ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान की नीति और रुख़ में कोई बदलाव नहीं है और वह कभी भी इस विषय में पाछे हटने का एकतरफ़ा फ़ैसला नहीं करेगा. भारत-पाकिस्तान शांति वार्ता के संदर्भ में उनका कहना था कि दोनो देशों को आगे बढ़ना चाहिए और आधे रास्ते में मुलाकात करनी चाहिए. पर्यवेक्षक इसका मतलब लगा रहे हैं कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ चाहते हैं कि दोनो देश बराबर का और ज़्यादा लचीला रुख़ अपनाएँ. दक्षिण एशिया फ़्री मीडिया को लाहौर में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हाल में भारत की ओर से 'उत्साहवर्द्धक' संकेत नहीं मिल रहे हैं लेकिन उनकी उम्मीद फिर भी कायम है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का कहना था कि उनके 'नए प्रस्ताव' में कश्मीर समस्या का कोई हल नहीं सुझाया गया लेकिन कुछ विकल्प सुझाए गए हैं जिनपर चर्चा हो सकती है. पाकिस्तान की कश्मीर पर जो नीति रही है उसके तहत वह कश्मीर समस्या का हल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर चाहता है लेकिन भारत को ये स्वीकार्य नहीं है. हाल में पाकिस्तान ने इस रुख़ में कुछ लचीलापन दिखाया है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का ये बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कश्मीर का दौरा किया और 23 नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ भारत जा रहे हैं. |
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