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हिंसा के ख़िलाफ़ गुटों से बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार जम्मू कश्मीर के किसी भी गुट के साथ बातचीत के लिए तैयार है जो हिंसा के ख़िलाफ़ हैं. दो दिनों की यात्रा पर जम्मू कश्मीर पहुँचे प्रधानमंत्री ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यदि हालात सुधरे और सीमापार से चरमपंथियों का आना काबू में रहा तो वे सैनिकों की संख्या में और कटौती के बारे में विचार कर सकेंगे. उन्होंने जम्मू कश्मीर के विकास और रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए 24 हज़ार करोड़ रुपयों की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की. प्रधानमंत्री बनने के बाद से यह मनमोहन सिंह की पहली जम्मू कश्मीर यात्रा है. उनके पहुँचने से पहले उनके सभा स्थल के पास ही सुरक्षा बलों ने दो चरमपंथियों को पहचाना और तीन घंटे की गोलीबारी के बाद आख़िर दोनों चरमपंथियों की मौत हो गई. उधर मनमोहनसिंह की घोषणा के मुताबिक़ बुधवार से जम्मू कश्मीर के अनंतनाग से सैनिकों की संख्या में कटौती शुरु हो गई. अमन और इज़्ज़त प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि कश्मीर में अमन और ख़ुशहाली के पुराने दिन लौटें और लोग इज़्ज़त के साथ अपने राज्य में रह सकें. उन्होंने इसके लिए बातचीत के लिए सभी गुटों को न्यौता देते हुए कहा, "हम हर किसी से बातचीत के लिए तैयार हैं जिसे कश्मीर के अमन और ख़ुशहाली की चिंता हो." उन्होंने कहा, "मेरा दिल नए ख़यालात के लिए खुला है" उनका कहना था मनमोहन सिंह ने कहा, " मैंने पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ़ से भी कहा है कि तमाम मसलों का हल निकाल सकते हैं बशर्ते हम दयानतदारी और हमदर्दी से काम लें." उन्होंने अपने भाषण में कहा कि कश्मीर के लोगों ने जो कुछ भुगता है उसके लिए उन्हें गहरा अफ़सोस है. रोज़गार उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि वे एक सामान्य परिवार से हैं इसलिए वे समझते हैं कि शिक्षा का क्या महत्व है. उनका कहना था कि शिक्षा से ताक़त आती है. उन्होंने महिलाओं को भी शिक्षा देने की बात कही. उन्होंने कहा कि बेकारी और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ भी लड़ाई बेहद ज़रुरी है. मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद से बातचीत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वे केंद्र सरकार की ओर से राज्य सरकार को 24 हज़ार करोड़ रुपए दे रहे हैं. मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार काम करेगी और इन पैसों से 24 हज़ार रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि मुफ़्ती मोहम्मद सईद तेज़ रफ़्तार से तरक्की का वादा कर रहे हैं और वे केंद्र की ओर से सहायता का वादा करते हैं. लाइन ऑफ़ कंट्रोल उनका कहना था कि अब सरकारों को अपना काम करने का तरीक़ा बदलना होगा. उन्होंने कहा, "लोग अब नालायक सियासत दाँ से थक चुके हैं. अब कुनबापरस्ती को रोकना होगा." कश्मीरी जनता को आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि वे जानते हैं कि लोग चाहते हैं कि लाइन ऑफ़ कंट्रोल के पार जाना आसान हो ताकि वे अपने रिश्तेदारों से मिल सकें और व्यापार आदि आसान हो सके. उन्होंने कहा कि वे इस मसले पर भी पाकिस्तान से बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "आपने बहुत दुख सहे, हम पाकिस्तान के साथ बात कर रहे हैं ताकि बिना मतलब का तनाव कम हो." उन्होंने कहा कि वे कश्मीर के लोगों से, वहाँ के राजनीतिक दलों से और वहाँ काम कर रहे स्वयंसेवी संगठनों को आमंत्रित करते हैं कि वे अपनी राय दें ताकि नई मंज़िल पर पहुँचने में सफलता मिल सके. |
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