 |  पाटिल कुछ दिन पहले कश्मीर की यात्रा पर थे |
कश्मीरी पृथकतावादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस का कहना है कि अगर भारत की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आए तो वो उसे स्वीकार करने को तैयार हैं. हालाँकि पिछले दिनों गृह मंत्री जब भारत प्रशासित कश्मीर की यात्रा पर थे तो हुर्रियत की प्रतिक्रिया ठंडी थी. अब अगले हफ्ते प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कश्मीर की यात्रा पर जा रहे हैं. हुर्रियत कांफ्रेस के नेता मीरवायज़ उमर फ़ारुक ने बीबीसी के साप्ताहिक कार्यक्रम 'आपकी बात बीबीसी के साथ' में श्रोताओं के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान बातचीत के लिए निमंत्रण मिलता है तो वो उसे स्वीकार कर सकते हैं. उन्होंने कहा, "हमने फैसला किया है कि अगर निमंत्रण मिला तो हम बैठेंगे, बात करेंगे लेकिन हम यह साफ़ कर देना चाहते हैं कि पिछली सरकार के साथ दो दौर की बात हो चुकी है. यह महत्वपूर्ण है कि भारत सरकार हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान जाने की अनुमति देती है या नहीं, तभी वार्ता का कोई महत्व होगा." मनमोहन सिंह की प्रस्तावित कश्मीर यात्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "अगर उनकी यात्रा सामान्य है यानी वहाँ कोई आर्थिक पैकेज देने की घोषणा की जाए या सिर्फ़ स्कूल बग़ैरा बनाने की बात की जाए तो यात्रा का कोई महत्व नहीं है लेकिन अगर वो विश्वास बहाल करने वाले क़दमों की घोषणा करें तो कुछ बात बढ़ेगी." यह पूछे जाने पर कि क्या भारत सरकार ने कोई प्रस्ताव दिया है तो मीरवायज़ ने कहा, "अभी तक भारत सरकार ने ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया है. मीडिया में ऐसी बातें आ रही हैं. गृह मंत्री कश्मीर आए थे लेकिन कोई ठोस क़दम नहीं उठाया गया है." |