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आडवाणी सर्दियों में पाकिस्तान जाएंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि वह आगामी सर्दियों में पाकिस्तान का दौरा करेंगे. अमृतसर में एक पत्रकार सम्मेलन में आडवाणी ने कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के न्यौते पर वह इस्लामाबाद जाएंगे और यह यात्रा वह भारतीय संसद का आगामी सत्र संपन्न होने के बाद करेंगे. आडवाणी ने पत्रकारों को बताया कि पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता की पूरी कामयाबी इस तथ्य पर केंद्रित है कि भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने द्विपक्षीय बातचीत शुरू करने का फ़ैसला लिया था. हालाँकि आडवाणी ने पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करने का श्रेय अपनी सरकार को देना चाहा लेकिन वह कश्मीर में सैनिकों की संख्या में कटौती करने के मौजूदा सरकार के फ़ैसले के बारे में कुछ संशय की स्थिति में नज़र आए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब कश्मीर घाटी में सुरक्षा स्थिति "बहुत ख़राब" है. भाजपा अध्यक्ष ने परवेज़ मुशर्रफ़ के उस प्रस्ताव पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिसमें उन्होंने कश्मीर से सेनाएँ हटाए जाने का प्रस्ताव दिया था. आडवाणी ने शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की गिरफ़्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि इतने बड़े क़द के धार्मिक नेता को गिरफ़्तार करने की कोई ज़रूरत नज़र नहीं आती है. ग़ौरतलब है कि काँची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य को तमिलनाडु पुलिस ने हत्या के आरोप में गत शुक्रवार को गिरफ़्तार किया था. लालकृष्ण आडवाणी अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत के लिए इस शर्त पर राज़ी हुए कि उनसे उमा भारती प्रकरण के बारे में कोई सवाल नहीं पूछे जाएंगे. |
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