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मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्धता जताई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि पार्टी अब भी अयोध्या में हिंदू मंदिर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. बुधवार को दिल्ली में औपचारिक रूप से पार्टी अध्यक्ष पद संभालने के बाद आडवाणी ने कहा "यह ज़रूरी" है कि अयोध्या में मंदिर बनाया जाए. ग़ौरतलब है कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने 18 अक्तूबर को इस्तीफ़ा दे दिया था और लालकृष्ण आडवाणी को अध्यक्ष बनाया गया था. कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इस साल मई में हुए आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार इसी वजह से हुई क्योंकि उसने अपनी कट्टर हिंदू नीतियों को त्याग दिया था. महाराष्ट्र विधान सभा के चुनाव में भी भाजपा को कुछ ख़ास कामयाबी नहीं मिली. आडवाणी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा, "अयोध्या में राम मंदिर के लिए हमारा संकल्प अटूट और नहीं टाला जाने वाला है. राष्ट्र को उस दिन का बेसब्री से इंतज़ार है जब मंदिर का निर्माण होगा." आडवाणी ने कहा कि उनकी पार्टी "एक राषट्रवादी और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की हिमायती पार्टी है." उन्होंने ऐसे दावों को ख़ारिज कर दिया कि उन्होंने अपनी विचारधारा को त्याग दिया है. ग़ौरतलब है कि अयोध्या में पहले एक मुग़लकालीम मस्जिद हुआ करती थी जिसे छह दिसंबर 1992 को कुछ कट्टरपंथी हिंदुओं ने ध्वस्त कर दिया था. मस्जिद के विध्वंस के बाद देश में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे जिनमें 2000 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. अयोध्या में उस विवादास्पद स्थान पर अब हिंदू और मुसलमान दोनों ही दावा करते हैं और यह मामला अदालत में विचाराधीन है. कट्टरपंथी हिंदुओं का कहना है कि सबसे पहले उस स्थान पर मंदिर ही था और अब नया मंदिर वहाँ बनाया जाना चाहिए. |
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