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उमा भारती भाजपा से निलंबित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी की विवादास्पद नेता उमा भारती को अनुशासनहीनता के आरोप में महासचिव के पद से हटा दिया गया है और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निलंबित कर दिया गया है. भारतीय जनता पार्टी में अनुशासन के मुद्दों पर विचार करने के लिए बुधवार को बुलाई गई पदाधिकारियों की बैठक की शुरुआत में लालकृष्ण आडवाणी के भाषण के दौरान उमा भारती ने टोकाटाकी की. फिर उमा भारती ने लालकृष्ण आडवाणी से नाराज़ होकर बैठक से वॉकआउट किया. इस पूरे प्रकरण के दौरान मीडिया के लोग उपस्थित थे. महाराष्ट्र में पार्टी की हार के बाद से ही पार्टी में दूसरी पंक्ति के नेताओं के बीच खींचतान चल रही थी और माना जाता है कि इसी के कारण वेंकैया नायडू को हटाकर आडवाणी को पार्टी अध्यक्ष के पद पर बिठाया गया. भाजपा में अनुशासनहीनता की ख़बरों और खींचतान के बीच पार्टी के नए पदाधिकारियों की बुधवार को बैठक बुलाई गई थी जिसमें ख़ासतौर से अनुशासनात्मक मुद्दों पर विचार होना था. मामला पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में मीडिया को आमंत्रित किया गया था. लालकृष्ण आडवाणी ने अपने भाषण में कहा कि पार्टी के कुछ पदाधिकारी पार्टी के बारे में जो कुछ बयानबाज़ी कर रहे हैं उसे बंद किया जाना चाहिए. इस पर उमा भारती ने कहा कि पार्टी के जो नेता मीडिया से 'ऑफ़ द रिकॉर्ड' बात करते हैं उसके बारे में भी कार्रवाई करनी चाहिए. उनके इस रुख़ से हतप्रभ आडवाणी ने जब कहा कि सारा मामला ख़त्म माना जाना चाहिए तो उमा भारती ने कहा कि यदि उन्हें नहीं बोलने दिया जाएगा तो वे बैठक में नहीं रहेंगी. इसके बाद वे उठकर चली गईं. इसके बाद बंद कमरे में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक हुई जिसके बाद जसवंत सिंह ने पत्रकारों को बताया कि अनुशासनहीनता के आरोप में उमा भारती को महासचिव पद से हटाए जाने और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करने का फ़ैसला किया है. उन्होंने बताया कि यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया. स्वागत उमा भारती की जगह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने बाबूलाल गौर का कहना है कि पार्टी ने अनुशासन की जो कार्रवाई की है उसका वे हृदय से स्वागत करते हैं. उनका कहना है कि पार्टी अध्यक्ष के ख़िलाफ़ इस प्रकार बोलना अनुशासनहीनता है. बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि उमा भारती पहले भी कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह का व्यवहार करती रही हैं और उनके पार्टी से निलंबन से मध्यप्रदेश की राजनीति पर कोई फर्क़ नहीं पड़ेगा. उनका कहना है कि उमा भारती के निलंबन से पार्टी को कोई नुक़सान नहीं पहुँचेगा. एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री गौर ने कहा, "उमा भारती पार्टी से बड़ी नहीं थीं वे पार्टी में रहकर ही बड़ी हुई थीं. उन्हें पार्टी से बाहर जाकर पता चलेगा कि पार्टी का क्या महत्व है." उन्होंने इस बात से इंकार किया कि मध्यप्रदेश में भाजपा की जीत उमा भारती के कारण हुई. उनका कहना था कि इसके पीछे पार्टी के हज़ारों कार्यकर्ता और कुशाभाऊ ठाकरे की ठोस बुनियाद भी थी. पहले से नाराज़ ग़ौरतलब है कि उमा भारती को कुछ दिन पहले ही पार्टी में महासचिव बनाया गया था. उससे पहले जब भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी टीम की घोषणा की थी तब उसमें उमा भारती का नाम नहीं था. पहले टीम में उनके न होने के बारे में यूँ तो लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था कि उमा भारती छुट्टी पर हैं इसलिए उन्हें टीम में नहीं रखा गया. लेकिन उमा भारती के क़रीबी लोगों ने संकेत दिए थे कि उमा भारती ने प्रमोद महाजन से अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए पार्टी अध्यक्ष आडवाणी को कह दिया है कि यदि प्रमोद महाजन टीम में रहते हैं तो वे कोई पद नहीं लेना चाहतीं. सूत्रों के अनुसार उमा भारती ने कहा था कि प्रमोद महाजन ने महाराष्ट्र में उनकी तिरंगा यात्रा का समर्थन नहीं किया था. |
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