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आडवाणी की टीम में उमा को जगह नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लालकृष्ण आडवाणी ने भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष बनने के बाद पहला फेरबदल किया है लेकिन इसमें पार्टी की तेज़-तर्रार नेता उमा भारती को कोई पद नहीं दिया गया है. मेनका गांधी के पुत्र वरुण गांधी को कार्यकारिणी में शामिल किया है. ऐसा पहली बार है जब नेहरु गांधी परिवार का किसी सदस्य को भाजपा कार्याकारिणी में जगह मिली है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राजस्थान के पूर्व राज्यपाल मदनलाल खुराना और राज्यसभा उपाध्यक्ष नजमा हेपतुल्ला को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा कार्यकारिणी में दक्षिणी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए अनंत कुमार को चुना गया है . पार्टी महासचिव प्रमोद महाजन अपने पद पर बने रहेंगे. लोकसभा चुनावों और महाराष्ट्र में पार्टी की हार के बाद क़यास लगाए जा रहे थे कि इसकी गाज महाजन पर गिर सकती है. पार्टी की कार्यकारिणी में कुछ बदलाव किए गए हैं जिसमें पार्टी ने उपाध्यक्ष पद की नौ जगहों में से एक और महामंत्रियों के सात में से एक पद रिक्त छोड़ दिए हैं. इनकी घोषणा बाद में की जाने की बात कही गई है. भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पदभार दिए गए. इनमें आठ उपाध्यक्षों, छह महासचिवों, नौ सचिवों तथा एक कोषाध्यक्ष के नाम के अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 54 सदस्यों की घोषणा पार्टी प्रवक्ता और अब पार्टी के नौ में से एक उपाध्यक्ष मुख़्तार अब्बास नकवी ने की. पार्टी के अशोक रोड स्थित मुख्यालय में नामों की घोषणा करते हुए उन्होंने पार्टी द्वारा उसकी कार्यकारिणी में शामिल होने के लिए मनोनीत, विशेष तौर पर आमंत्रित 24 सदस्यों के नामों की लम्बी सूची को भी पढ़ा. उमा शामिल नहीं केंद्रीय पदाधिकारियों के नामों की सूची में से मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का नाम शामिल नहीं किया गया है.
इस बारे में पार्टी प्रवक्ता नकवी से पूछने पर उन्होंने कहा, "मैं इस बारे में कुछ भी नहीं कहना चाहता. इन सारी बातों पर चर्चा करने के बाद पार्टी अध्य़क्ष लालकृष्ण आडवाणी ने इसे अंतिम रूप दिया है." ऐसी ख़बरे हैं कि पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने पहले उमा भारती को केंद्रीय कार्यकारिणी में रहकर पार्टी का काम करने के लिए राज़ी कर लिया था पर बाद में उन्होंने इसमें कुछ नेताओं के शामिल किए जाने पर एतराज़ जताते हुए पद स्वीकार करने से मना कर दिया. इनकी पुष्टि के लिए जब पार्टी प्रवक्ता नकवी से बात की गई तो उन्होंने कहा, "पार्टी में पद स्वीकारने और न स्वीकारने जैसा कोई प्रश्न नहीं है, सभी लोग काम कर रहे हैं. आगे किसे क्या दायित्व दिया जाएगा, यह तो समय ही बताएगा" उमा भारती के मना करने से यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि वो दोबारा मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री बनने की इच्छुक हैं. |
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