BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 01 नवंबर, 2004 को 14:25 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
नाराज़ सहयोगियों को मनाएगी भाजपा

लालकृष्ण आडवाणी
आडवाणी ने पाँचवीं बार भाजपा की कमान संभाली
अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण को लेकर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के हाल ही के बयान पर भाजपा के सहयोगी दल नाराज़ हैं.

इस नाराज़गी के बाद अब भाजपा ने सुलह-सफाई का रवैया अपनाते हुए कहा है कि आडवाणी एनडीए संयोजक और जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष जॉर्ज फर्नांडिस से मिलेंगे.

लालकृष्ण आडवाणी ने कहा पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कहा था कि मंदिर निर्माण अधिकतर भारतीयों की भावना के अनुरुप होगा.

कुछ एनडीए घटकों के नाराज़ होने के बाद कल रांची में जनता दल (यूनाइटेड) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में आडवाणी की टिप्पणी की कड़ी आलोचना हुई और पार्टी के कुछ नेताओं ने तो भाजपा से संबंध तक तोड़ने की धमकी दे डाली थी.

चिंता

इन सब गतिविधियों से चिंतित भाजपा ने अब स्थिति को कुछ संभालने का प्रयास किया है.

भाजपा महासचिव और बिहार के प्रभारी अरुण जेटली ने कहा, "भाजपा हर हालत में राष्ट्रीय जनता दल विरोधी सभी वोटों को एकजुट करने का पूरा प्रयास करेगी, और आडवाणी खुद एनडीए संयोजक जॉर्ज फर्नांडिस से मिलकर स्थिति साफ करेंगे."

एक तरफ विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठन मंदिर निर्माण को लेकर दबाव डाल रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ़ आरएसएस ने भी कहा है कि भाजपा को हिंदुत्व की ओर लौटना चाहिए.

 भाजपा हर हालत में राष्ट्रीय जनता दल विरोधी सभी वोटों को एकजुट करने का पूरा प्रयास करेगी, और आडवाणी खुद एनडीए संयोजक जॉर्ज फर्नांडिस से मिलकर स्थिति साफ करेंगे
अरूण जेटली, भाजपा महासचिव

सोमवार को ही पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी और भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेताओं से मुलाक़ात की, इस मुलाक़ात में पाँच नवंबर को हरिद्वार में होने वाली संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बारे में विचार-विमर्श किया गया.

आरएसएस के प्रवक्ता राम माधव ने इस बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "हम चाहते हैं कि भाजपा संघ के विचारों-आदर्शों और नीतियों पर स्पष्ट और ठोस रूख़ अपनाए."

भाजपा के सामने मुश्किल ये है कि अगले साल की शुरुआत में बिहार, झारखंड जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए उसे गठबंधन सहयोगियों की सख्त ज़रुरत है.

आने वाले दिनों में क्या भाजपा गठबंधन की ही राजनीति को आगे ले जाएगी या फिर कोई नया रास्ता चुनेगी इसको लेकर भाजपा में असमंजस दिख रहा है.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>