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आख़िर उमा भारती महासचिव बनीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी की नेता उमा भारती आख़िरकार मान गई हैं और उन्हें पार्टी महासचिव बना दिया गया है. इससे पहले जब भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी टीम की घोषणा की थी तब उसमें उमा भारती का नाम नहीं था. उनकी नियुक्ति के साथ ही मध्यप्रदेश के लिए केंद्रीय स्तर पर एक समन्वय समिति बनाने की घोषणा की गई है जिसमें उमा भारती शामिल होंगी. पहले टीम में उनके न होने के बारे में यूँ तो लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था कि उमा भारती छुट्टी पर हैं इसलिए उन्हें टीम में नहीं रखा गया है. लेकिन उमा भारती के क़रीबी लोगों ने संकेत दिए थे कि उमा भारती ने प्रमोद महाजन से अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए पार्टी अध्यक्ष आडवाणी को कह दिया है कि यदि प्रमोद महाजन टीम में रहते हैं तो वे कोई पद नहीं लेना चाहतीं. सूत्रों के अनुसार उमा भारती ने कहा था कि प्रमोद महाजन ने महाराष्ट्र में उनकी तिरंगा यात्रा का समर्थन नहीं किया था. हालांकि पार्टी के महासचिव व प्रवक्ता अरुण जेटली ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पार्टी के पास ऐसी कोई सूचना नहीं है कि उमा भारती ने कोई शिकायत की है.
दूसरी ओर मीडिया ने ख़बर दी थी कि उमा भारती ने मध्यप्रदेश में दोबारा मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई है. लेकिन दो दिनों पहले उमा भारती अपनी तीर्थ यात्रा स्थगित करके लालकृष्ण आडवाणी से मिलने उनके निवास पर पहुँचीं और वहाँ कोई चार घंटे रहीं. महासचिव के रुप में उमा भारती के पास क्या काम होगा यह तो पूरी टीम के कार्यविभाजन के साथ तय होगा लेकिन मध्यप्रदेश में उनकी रुचि को ध्यान में रखते हुए एक समन्वय समिति बनाने की घोषणा की गई है जिसमें उमा भारती भी रहेंगी. जैसा कि अरुण जेटली ने बताया उमा भारती 30 नवंबर से कार्यभार संभालेंगी. |
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