|
उमा भारती की 'तिरंगा यात्रा' शुरू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी की नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कर्नाटक के हुबली शहर से 'तिरंगा यात्रा' शुरू कर दी है. दस वर्ष पहले इसी हुबली शहर में सांप्रदायिक तनाव भड़काने के आरोप में उमा भारती पर मुक़दमा दायर किया गया था जिसके कारण हाल ही में उन्हें मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी. न्यायिक हिरासत से रिहा होने के बाद उमा भारती ने यह अभियान शुरू किया है. भाजपा के के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने उन्हें राष्ट्रीय ध्वज सौंपकर इस यात्रा की शुरूआत की. इस मौक़े पर बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक मौजूद थे जिन्होंने 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए. इस अभियान को अक्तूबर में महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, महाराष्ट्र में अक्तूबर में चुनाव होने वाले हैं. 3000 किलोमीटर की यह 'तिरंगा यात्रा' हुबली से शुरू होकर अमृतसर के जालियाँवाला बाग़ में ख़त्म होगी और इसके संयोजक पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शहनवाज़ हुसैन हैं. भाजपा का कहना है कि इस अभियान के ज़रिए वह अपनी राष्ट्रवादी नीतियों पर ज़ोर देगी और कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार में आपराधिक मामले में फँसे मंत्रियों का मामला उठाएगी. 16 दिन तक चलने वाली यात्रा सात राज्यों से गुज़रेगी लेकिन सबसे ज़्यादा समय महाराष्ट्र में देगी. कर्नाटक के हुबली शहर में इस यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. भाजपा के नेताओं का कहना है कि उमा भारती वीर सावरकर के 'अपमान' का मुद्दा भी उठाएँगी, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर की वीर सावरकर के बारे में टिप्पणी को लेकर भाजपा ने ग़ुस्से का इज़हार किया है. तिरंगा यात्रा हुबली के ईदगाह मैदान से शुरू हुई है जो विवादों के केंद्र में रहा है, भाजपा इसे रानी चेन्नमा मैदान कहती है और वहाँ नमाज़ पढ़े जाने को लेकर तकरार लंबे समय से जारी है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||