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संघ परिवार में 'बगावत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कट्टरपंथी हिंदुवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की हरिद्वार में शुरु हुई बैठक में विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल और प्रवीण तोगड़िया शामिल नहीं हुए हैं. पर्यवेक्षक इसे संघ परिवार में बगावत के रुप में देख रहे हैं. इस बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेने के लिए बुलाया. इन दोनो नेताओं की वहाँ उपस्थिति पर ही विहिप नेता नाराज़ थे. पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में विहिप नेताओं का कहना था कि आडवाणी और नायडू के बैठक में भाग लेने के कारण ही वे इस बैठक में शामिल नहीं हुए. विश्व हिंदू परिषद के नेता बार-बार भाजपा की राममंदिर से संबंधित नीतियों पर अपनी नाराज़गी जता चुके हैं और आरोप लगाते हैं कि भाजपा ने राममंदिर निर्माण के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए. वैसे अशोक सिंघल और प्रवीण तोगड़िया हरिद्वार में ही मौजूद थे और उन्होंने एक 'हिंदू जागरण अनुष्ठान' की शुरुआत भी की. लेकिन संघ परिवार के प्रवक्ता राम माधव ने विहिप नेताओं कि अनुपस्थिति पर पर्दा डालने की कोशिश की. आरएसएस ने भाजपा को हिंदुत्व विचारधारा पर चलने की सलाह दी. |
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