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शौकत अज़ीज़ की नटवर सिंह से मुलाक़ात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ मंगलवार को अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुँचे. दिल्ली में हवाई अड्डे पर उनकी आगवानी भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह ने की. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इसके बाद नटवर सिंह के साथ लगभग 45 मिनट तक बातचीत की. भारत और पाकिस्तान के बीच परस्पर विश्वास कायम करने के प्रयासों के बाद हो रही उनकी दो दिन की इस यात्रा को काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उन्होंने भारतीय कश्मीर से सैनिकों की सीमित वापसी का स्वागत किया है. उन्होंने अपनी भारत यात्रा से पहले बीबीसी से एक बातचीत में सकारात्मक टिप्पणियाँ कीं. उन्होंने कहा, "मेरा ख़याल है कि पूरा माहौल बेहतर हो रहा है, हम पिछले 12 महीनों में काफ़ी आगे बढ़े हैं. लेकिन अभी बहुत लंबा रास्ता तय करना है. हमें बहुत सारे मुद्दों का हल निकालना है जिसमें जम्मू कश्मीर का मामला भी शामिल है." कुछ ही दिनों पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कश्मीर समस्या के समाधान के लिए एक नया फ़ार्मूला सामने रखा है, इस यात्रा के दौरान उस पर चर्चा होने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है. व्यस्त कार्यक्रम दिल्ली से बीबीसी संवाददाता नगेंदर शर्मा के अनुसार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज का कार्यक्रम काफ़ी व्यस्त है. पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर से अज़ीज़ की मुलाक़ात का कार्यक्रम बुधवार तक के लिए टाल दिया गया है. मंगलवार को ही उनका भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी मुलाक़ात का कार्यक्रम है, साथ ही मंगलवार को ही वे कश्मीर के अलगाववादी संगठन ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं से भी मिलेंगे. दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ दक्षिण एशियाई सहयोग संगठन सार्क के अध्यक्ष के रूप में भारत आ रहे हैं, वे भारत को ढाका में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन के लिए औपचारिक न्यौता देने पहुँच रहे हैं. ज़ाहिर है, बातचीत सार्क शिखर सम्मेलन पर केंद्रित नहीं होगी, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने कहा कि "वे भारतीय नेताओं से मुलाक़ात कर रहे हैं तो द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा ज़रूर होगी." बुधवार को उनकी मुलाक़ात भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से होगी, इस मुलाक़ात में कश्मीर पर परवेज़ मुशर्रफ़ के नए फार्मूले पर भी चर्चा हो सकती है. शौक़त अज़ीज़ ऐसे समय भारत आ रहे हैं जबकि दोनों देशों के संबंधों में सुधार तो आया है लेकिन किसी ठोस प्रगति का सभी को इंतज़ार है. |
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