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पाकिस्तान को प्रधानमंत्री की चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता तभी आगे बढ़ सकती है जब वह अपने यहाँ सक्रिय भारत विरोधी चरमपंथियों पर नियंत्रण करे. मुंबई धमाकों के चार दिन बाद शुक्रवार को वहाँ का दौरा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि पाकिस्तान ने भारत विरोधी चरमपंथियों को अपने यहाँ समर्थन देना बंद नहीं किया है. प्रधानमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायलों से हाल-चाल पूछा और वरिष्ठ अधिकारियों से हमलों की जाँच के बारे में बातचीत की. प्रधानमंत्री ने कहा, "हमने पाकिस्तान के साथ अपने संबंध सामान्य करने के लिए सभी संभव प्रयास किए हैं पर मैं पाकिस्तान सरकार के सबसे ऊपरी स्तर तक यह भी साफ़ कर देना चाहता हूँ कि यदि आतंकवादी गतिविधियों पर तुरंत नियंत्रण नहीं किया जाता है तो किसी भी सरकार के लिए शांति प्रक्रिया को आगे ले जा पाना बहुत मुश्किल होगा." प्रधानमंत्री ने कहा, "पाकिस्तान ने वर्ष 2004 में लिखित रूप से वादा किया था कि वो भारत के ख़िलाफ़ काम करने वाले आतंकवादी संगठनों को किसी भी तरह की मदद, प्रोत्साहन या संरक्षण नहीं देगा और इससे पहले की हम शांति प्रक्रिया या अन्य बातों को आगे बढ़ाएं, पाकिस्तान सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि वो अपने वादे को निभाए."
प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से इस बारे में उपयुक्त चेतावनी भी दी जा चुकी है. हमारे पास मोटे तौर पर कुछ जानकारियाँ हैं पर इनकी तह तक जाकर काम करने की ज़रूरत है और इसके लिए भारत में जाँच तंत्र को और सक्षम और मज़बूत करना होगा. प्रधानमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवाद केवल मुंबई में ही नहीं है बल्कि देश के बाकी हिस्सों में भी है और इस बारे में सरकार के पास पुख़्ता जानकारी है. मुशर्रफ़ का आश्वासन इससे पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने मुंबई बम धमाकों की छानबीन में भारत की मदद करने का प्रस्ताव रखा था. परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है, "मैं भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आश्वासन देना चाहता हूँ कि मैं और पाकिस्तान की सरकार उनके साथ है, हम किसी भी तरह की जाँच में उनकी मदद करने को तैयार हैं." इस बीच पुलिस ने मंगलवार के धमाकों में मारे गए लोगों की संख्या 179 बताई है और कहा है कि पहले गिनती में गड़बड़ी की वजह से संख्या ज़्यादा बताई गई थी. महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने इससे पहले बुधवार की रात को मृतकों की संख्या 200 के आसपास बताई थी. उधर मुंबई और आसपास के इलाक़ों में पुलिस के छापे जारी हैं और लगभग बीस लोग हिरासत में हैं. गुरूवार को महाराष्ट्र पुलिस ने अनेक स्थानों पर छापे मारे थे और 300 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया था, अलबत्ता किसी को औपचारिक तौर पर गिरफ़्तार नहीं किया गया था. इनमें से ज़्यादातर लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है. |
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