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बुधवार, 12 जुलाई, 2006 को 16:32 GMT तक के समाचार
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मुंबई धमाके: कौन है शक के दायरे में?

विस्फोट के बाद घायलों को राहत
सिलसिलेवार धमाकों ने मुंबई को हिला कर रख दिया
भारत में मुंबई पर हुए हमलों के सिलसिले में शुरुआती जाँच दो बातों पर केंद्रित रहेगी- धमाकों की जगह की फ़ॉरेंसिक पड़ताल ताकि विस्फोटकों के बारे में पता लगाया जा सके.

साथ ही उन प्रत्यक्षदर्शियों की तलाश होगी जिन्होंने शायद हमलावरों को देखा हो. इसके अलावा ख़ुफ़िया तंत्र के ज़रिए हमलावरों की पहचान के बारे में जानने की कोशिश रहेगी.

भारतीय अधिकारियों ने इस बात के संकेत दिए हैं कि उन्हें थोड़ी बहुत आशंका थी कि हमला हो सकता है लेकिन पक्के तौर पर कुछ नहीं पता था.

इसका मतलब ये है कि अधिकारियों को हमले के पीछे ज़िम्मेदार संगठन के बारे में कुछ न कुछ पता है.

शक के दायरे में कौन

मुंबई हमले को लेकर मुख्यत तीन संगठन शक के दायरे में हैं. अब तक जब भी ऐसे हमले हुए हैं अधिकारी लश्कर-ए-तएबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों पर ही शक करते रहे हैं.

भारत का कहना है कि इन संगठनों को पाकिस्तान समर्थन और प्रशिक्षण देता रहा है.

दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर हमले के बाद, भारत और पाकिस्तान लगभग युद्ध की कगार पर पहुँच गए थे. भारत का आरोप था कि पाकिस्तान चरमपंथी संगठनों को समर्थन दे रहा है.

इस बार मुंबई हमलों के बाद भी लश्कर जैसे संगठन संदेह के दायरे में रहेंगे.

हालांकि लश्कर के प्रवक्ता ने मुंबई हमले के पीछे हाथ होने से इनकार किया है.

मुंबई हमलों के बाद भारत पाकिस्तान पर आरोप लगाने के मामले में थोड़ा बचकर चल रहा है. भारत चाहता है कि ऐसा करने से पहले उसके पास पुख़्ता सुबूत हों, ख़ासकर तब जब पाकिस्तान से रिश्ते कुछ बेहतर हुए हैं.

यहाँ ग़ौरतलब ये है कि सबसे पहले मुंबई हमलों की निंदा करने वालों में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी शामिल थे.

अल क़ायदा

मुंबई धमाके - नक्शे में

जिस तरह सुनियोजित तरीके से मुंबई में हमले हुए हैं, उसके बाद हमले में अल क़ायदा का हाथ होने के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं.

वैसे अल क़ायदा नेता अयमन अल ज़वाहिरी के हाल के बयानों में भारत और हिंदूओं के बारे में काफ़ी ज़िक्र किया गया है. लेकिन मुंबई धमाकों को अल क़ायदा से जोड़ते हुए अभी कोई सुबूत नहीं मिले हैं.

तीसरी संभावना है कि हमलों में अंडरवर्ल्ड का हाथ हो सकता है. 1993 में जब मुंबई में 13 धमाके हुए थे, उस समय कहा गया था कि हमलों में माफ़िया सरगना दाउद इब्राहिम का हाथ है.

भारत का कहना है कि दाउद इब्राहिम संभवत पाकिस्तान में आधारित हैं और उनके अल क़ायदा और लश्कर-ए-तएबा से संबंध हैं.

अगर वाकई ऐसा हुआ है तो ये संभव है कि मुंबई हमले में इन तीनों के बीच कुछ तालमेल रहा हो.

मुंबई हमलों के लिए असल में कौन ज़िम्मेदार है, ये जानना बेहद ज़रूरी है ख़ासकर तब जब इस तरह के और हमले होने की आशंका बनी हुई है.

लेकिन ये एक संवदेनशील काम भी है जिसमें लोग तमाम सवालों का जबाव जानना चाहेंगे.

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