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रविवार, 08 जनवरी, 2006 को 18:52 GMT तक के समाचार
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कश्मीर अंतरराष्ट्रीय मसला: पाकिस्तान
क़सूरी
भारत-पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया के तहत तीसरे चरण की बातचीत 17 जनवरी को होनी है
भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर के तीन शहरों से सैनिक हटाने पर भारत-पाकिस्तान बयानबाज़ी तेज़ हो गई है. पाकिस्तान ने कहा है कि कश्मीर भारत का अंदरूनी मामला नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मसला है.

पाकिस्तान का कहना है कि ये 'दूसरे मुल्क की बात नहीं' है क्योंकि पाकिस्तान कश्मीर विवाद का एक अहम पक्ष है और उसे इस मुद्दे पर बात करने का पूरा हक़ है.

इससे पहले पाकिस्तान राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के एक चैनल को दिए इंटरव्यू में जम्मू-कश्मीर से सैनिक हटाने के प्रस्ताव पर भारत की ओर से तीख़ी प्रतिक्रिया आई थी.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार रात को कहा था कि उसकी भूमि पर सैनिक हटाना या फिर सेना को कहीं दोबारा तैनात करना भारत का अपना फ़ैसला है और इस बारे में कोई विदेशी ताकत उसे हुक्म नहीं दे सकती.

'मुशर्रफ़ अपील कर सकते हैं'

बीबीसी उर्दू सेवा के साथ विशेष बातचीत में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने कहा है कि अपनी निति के तहत पाकिस्तान भी पाकिस्तानी कश्मीर से फ़ौज हटाने के लिए तैयार है.

कश्मीर में सुरक्षा बल
भारतीय और पाकिस्तानी कश्मीर में हज़ारों सैनिक तैनात हैं
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पाकिस्तान का प्रस्ताव मुनासिब यानि उचित है और दोनो देशों को उस क्षेत्र से सेना हटानी चाहिए. उनका कहना था कि हुर्रियत कान्फ़्रेंस का पाकिस्तान पहुँचा नेतृत्व इसका समर्थन करता है.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के सेना हटाने के प्रस्ताव पर क़सूरी का कहना था कि दो साल से बातचीत चल रही है और लोगों को भी कुछ मालूम होना चाहिए.

उनसे पूछा गया कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के तीन शहरों से सेना के हटने पर वहाँ चरमपंथी गतिविधियाँ न होने का आश्वासन कैसे दे सकता है?

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के हुक्म पर तो कश्मीर में हिंसक गतिविधियाँ नहीं हो रहीं, लेकिन पाकिस्तान शांति कायम करने वालों को समर्थन देगा.

'शांति प्रक्रिया को नुक़सान'

उनका दावा था कि पाकिस्तान पिछले 58 साल से अकेला कश्मीरियों की वकालत कर रहा है. उनके अनुसार पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने केवल कहा है कि वे 'संघर्ष' कर रहे लोगों से अपील करने के लिए तैयार हैं.

क़सूरी का कहना था कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति अपने नैतिक बल का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन पहले नज़र तो आना चाहिए कि भारत इस ओर कुछ कर रहा है.

बलूचिस्तान पर हाल में भारत के बयान को ग़ैर-मुनासिब बताते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान भारत के अंदरूनी मामलों पर टिप्पणी नहीं करती और ऐसे बयानों से शांति प्रक्रिया को नुक़सान पहुँच सकता है.

उनका कहना था कि यदि भारत में कहीं गड़बड़ी हो, जैसा कि अकसर होता है, तो पाकिस्तान सरकार टिप्पणी नहीं करती है लेकिन जम्मू-कश्मीर कोई अंदरूनी मामला नहीं, अंतरराष्ट्रीय मसला है.

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