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भारत पर धौंस जमाने का आरोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जारी हिंसा पर भारत और पाकिस्तान के बीच तीखी बयानबाज़ी हो रही है और स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है. पाकिस्तान ने सोमवार को भारत पर आरोप लगाया कि वह उसके अंदरूनी मामले में दखलंदाज़ी कर रहा है और उस पर धौंस जमा रहा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने तो भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी की इस मामले में टिप्पणी पर यहाँ तक कह दिया, "भारतीय अधिकारी को हमारी सलाह यही है कि वे अपने काम से मतलब रखें." बलूचिस्तान में पिछले कुछ सप्ताह से स्थानीय बलूच चरमपंथियों और सुरक्षाबलों के बीच संघर्ष चल रहा है. पाकिस्तान सरकार ने पिछले दिनों बलूचिस्तान के बारे में भारत के चिंता प्रकट करने पर सख़्त आपत्ति जताई थी. भारत ने इसके बाद की गई टिप्पणी पर जो स्पष्टीकरण दिया उससे पाकिस्तान सरकार और नाराज़ हो गई. भारतीय विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये कहा था कि भारत की बलूचिस्तान के बारे में टिप्पणी में कुछ भी 'असामान्य' नहीं है और ये टिप्पणी एक पत्रकार के सवाल के जवाब में की गई थी. बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार मानती है कि दोनो देशों के बीच पैदा हुए तनाव से शांति प्रक्रिया को नुक़सान हो सकता है. 'विदेशी हाथ है' लेकिन पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने भारतीय अधिकारी के इस बयान को चौंकानेवाला बताया है. तस्नीम असलम ने कहा, "भारत जिस तरह का बर्ताव कर रहा है वह उसकी धौंस जमानेवाली प्रवृत्ति को दिखाता है, एक ऐसा देश जिसे हर तरफ़ भड़काऊ चीज़ें ही दिखती हैं." तसनीम असलम ने कहा कि भारत की ओर से ऐसी बयानबाज़ी से दोनों देशों के बीच माहौल पर बुरा असर पड़ सकता है जब दोनों के बीच संबंधों को बेहतर करने के प्रयास चल रहे हैं. उनका कहना था कि पाकिस्तान ये मानता है कि दूसरे देशों के मामलों में दख़ल देना अंतरराष्ट्रीय मान्यताओं का उल्लंघन है. किसी देश का नाम लिए बिना उनका कहना था कि पाकिस्तान के सुरक्षा बल मानते हैं कि बलूचिस्तान में पैदा हुई स्थिति में विदेशी हाथ है. लेकिन प्रवक्ता ने कश्मीर में मानवाधिकार की स्थिति पर लगातार चिंता प्रकट करने की पाकिस्तान की नीति को परोक्ष तौर पर न्यायसंगत ठहराया. उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक़ ना तो भारतीय कश्मीर जैसी कोई जगह है ना पाकिस्तानी कश्मीर जैसी, और कश्मीर का पूरा क्षेत्र ही विवादित है. |
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