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मिसाइल परीक्षणों की सूचना दी जाएगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण के बारे में एक-दूसरे को पूर्व जानकारी देने पर सहमत हो गए हैं. दोनो पक्षों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनो देशों के विदेश सचिवों के बीच सीधी बातचीत के लिए हॉटलाइन इस साल सितंबर तक स्थापित की जाए ताकि किसी तरह की ग़लतफ़हमी न हो. ये सहमति परमाणु युद्ध का ख़तरा टालने की कोशिशों पर भारत और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच दो दिन तक चली के बाद बनी है और इसकी घोषणा के संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के ज़रिए की गई. भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मीरा शंकर और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव तारीक़ उस्मान हैदर ने किया. ये दोनो पक्षों के बीच समग्र बातचीत की प्रक्रिया के अंतर्गत यह इस स्तर की तीसरी बैठक है. दोनों पक्षों का कहना था कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में दोनों देशों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं और परमाणु नीति पर हुई. अब इस बातचीत में हुई प्रगति के बारे में विदेश मंत्रियों को जानकारी देंगे जिसके बाद परमाणु मामलों पर विशेषज्ञों की बैठक की तिथि निश्चित करेंगे. इस सहमति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी प्रगति के रूप में देखा जा रहा है. |
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