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भारत-पाक व्यापार बढ़ाने की कोशिश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के बीच अब बदलाव आ रहा है और शांति और समृद्धि के संबंध में बातचीत चल रही है. दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने को लेकर वाणिज्य सचिवों के बीच दोदिवसीय मंगलवार से बातचीत शुरू हुई. इस बातचीत में भारत के वाणिज्य सचिव एस एन मेनन और पाकिस्तान के वाणिज्य सचिव सैयद आसिफ़ अली हिस्सा ले रहे हैं. बीबीसी संवाददाता संजीव श्रीवास्तव के अनुसार ईरान से पाकिस्तान होते हुए भारत तक गैस पाइपलाइन लाने पर तीनों देश सहमत हो गए हैं. और अब करों में रियायत देने और व्यापार की बाधाएँ दूर करने पर बात चल रही है. दोनों देशों के बीच लगभग 15 अरब रुपए का सालाना कारोबार होता है और अब दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने की संभावना से कंपनियां उत्साहित हैं. इन ख़बरों के बाद कि पाकिस्तान भारत से चीनी का आयात कर सकता है, भारतीय चीनी निर्माता कंपनियों के शेयरों के भाव मुंबई शेयर बाज़ार में चढ़ गए. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार भारत के वाणिज्य सचिव एसएन मेनन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि भारत को 'सर्वोच्च प्राथमिकता वाले देश' का दर्जा देने का मुद्दा अब उतना महत्वपूर्ण नहीं रहा है क्योंकि एक जनवरी, 2006 से दक्षिण एशियाई व्यापार संधि लागू होने जा रही है. उनके अनुसार इस समझौते के बाद पाकिस्तान को भारतीय सामानों के आयात पर कर करने पड़ेंगे. भारतीय वाणिज्य सचिव ने कहा कि भारत चाहता है कि वाघा- अटारी मार्ग से कारोबार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. पाकिस्तान का कहना है कि उसने भारत के 70 सामानों को आयात सूची में रखा है और तत्काल इस सूची को बढ़ाना संभव नहीं है. |
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