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आडवाणी और राजनाथ की यात्रा शुरू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी गुजरात से और पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उड़ीसा से गुरुवार को 'भारत सुरक्षा यात्रा' शुरू कर दी है. इन नेताओं का कहना है कि वे यह यात्रा कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की उन नीतियों के विरोध में कर रहे हैं जो "मुसलमानों के तुष्टीकरण" के लिए हैं आडवाणी ने गुजरात के द्वारिका से अपनी यात्रा शुरू की जबकि राजनाथ सिंह उड़ीसा के भुवनेश्वर से यात्रा पर निकले हैं. बीबीसी के गुजरात संवाददाता राजीव खन्ना का कहना है कि आडवाणी की यात्रा शुरू होने के समय भाजपा के लगभग बीस हज़ार कार्यकर्ता चिलचिलाती धूप के बावजूद मौजूद थे. आडवाणी ने इस अवसर पर केंद्र की सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह वोट पाने की ख़ातिर मुसलमानों के तुष्टीकरण की नीतियों पर चल रह है. उन्होंने मुसलमानों का भी आहवान किया कि वे अयोध्या में विवादित स्थल पर अपना दावा छोड़ दें ताकि वहाँ राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ़ हो सके. ग़ौरतलब है कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ढाँचे को छह दिसंबर 1992 को कुछ हिंदू कट्टरपंथियों ने तोड़ दिया था. आडवाणी की यह यात्रा शुरू होने के मौक़े पर गुजरात के विवादास्पद मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे. उन्होंने गोधरा रेल आगज़नी काँड की जाँच के लिए केंद्रीय समिति बनाए जाने पर के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की. राजनाथ की यात्रा इसी तरह की यात्रा पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भुवनेश्वर से शुरू की. उनकी योजना मंदिरों के शहर पुरी से रथ यात्रा निकालने की थी, लेकिन जगन्नाथ मंदिर के पुजारी ने यह कहते हुए आपत्ति जताई की पुरी में सिर्फ़ भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा ही निकाली जा सकती है. हालाँकि भुवनेश्वर से यात्रा शुरू करने से पहले राजनाथ सिंह पुरी के जगन्नाथ मंदिर गए. दोनों ही स्थानों पर यह यात्रा शुरू होते समय जितने कार्यकर्ताओं के आने की उम्मीद की गई थी, संख्या उतनी नहीं रही. आडवाणी ने इसी तरह की यात्रा 1989 में भी की थी जिसे राम मंदिर यात्रा का नाम दिया गया था और जानकारों का कहना है कि उस यात्रा से भारतीय जनता पार्टी को हिंदू मतों को एक जुट करने में मदद मिली थी. उसके बाद हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी कुछ राज्यों और केंद्र में बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी और उसकी सीटें भी बढ़ गई थीं. |
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