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प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ भाजपा की शिकायत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज करवाई है. भाजपा का आरोप है कि असम में चुनाव प्रचार करते हुए प्रधानमंत्री ने कर्बी और दमास जनजातियों के बीच हुई हिंसा में प्रभावित हुए लोगों के लिए पुनर्वास और राहत के पैकेज की घोषणा की. उधर प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन आरोपों का खंडन किया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कर्बी आंगलॉंग ज़िले में किसी राहत पैकेज की घोषणा की. बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक के अनुसार चुनाव आयोग के सामने भाजपा की ये शिकायत प्रमोद महाजन के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करने के निर्देश के तुरंत बाद आई है. उल्लेखनीय है कि असम के मुख्य चुनाव अधिकारी ने भाजपा नेता प्रमोद महाजन के ख़िलाफ़ आचार संहिता का उल्लंघन के संबंध में मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. चुनाव आयोग का कहना है कि महाजन ने असम में चुनाव प्रचार की अवधि समाप्त होने के बाद पत्रकारवार्ता की और अपनी पार्टी का प्रचार किया. शिकायत असम से राज्यसभा के सदस्य मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ शिकायत भाजपा के असम प्रदेश प्रमुख इंद्रमणि बोरा ने दर्ज की है. उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि कर्बी आंगलॉंग ज़िले के डोंका मोकम में प्रधानमंत्री ने विशेष पैकेज देने की घोषणा की. भाजपा ने इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए लिखित शिकायत दर्ज करवाई है. चुनाव प्रचार के लिए असम पहुँचे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कई सभाओं को संबोधित करने के बाद रविवार को भी दो सभाएँ ली थीं. दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय ने भाजपा के आरोपों का खंडन किया है. प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारू ने कहा है कि यह आरोप तथ्यात्मक रुप से ग़लत है और प्रधानमंत्री ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है जिससे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन होता हो. उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री ने कर्बी आंगलॉंग ज़िले के स्वायत्तशासी निकाय के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात की थी जिसने एक ज्ञापन प्रधानमंत्री को दिया था. उल्लेखनीय है कि अक्तूबर 2005 में हुई जातीय हिंसा में सौ से अधिक कर्बी और दमास मारे गए थे और सैकड़ों बेघरबार हो गए थे. असम चुनाव असम में सोमवार को विधानसभा चुनावों के पहले चरण के तहत मतदान होना है जिसके लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. असम के 126 सीटों में से पहले चरण में 65 सीटों के लिए मतदान होना है. पहले चरण के लिए नौ हज़ार से अधिक मतदान केंद्र बने हैं जहां 92 हज़ार से अधिक मतदाना अपने मताधिकारों का प्रयोग कर सकते हैं. तीन अप्रैल के चरण में 515 उम्मीदवारों के भविष्य का फ़ैसला होना है जिसमें से 477 पुरुष उम्मीदवार हैं 38 महिलाएं हैं. इनमें से 65 उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी के, कांग्रेस के 64, सीपीआई के सात, सीपीआई एम के आठ , राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 23, असम गणपरिषद के 54 और अन्य उम्मीदवार 294 हैं. अलगापुर विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 25 उम्मीदवार मैदान में हैं जबकि छापागुरी विधानसभा क्षेत्र में सिर्फ दो उम्मीदवारों के बीच मुक़ाबला होगा. चुनावों के लिए एक लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'महाजन के ख़िलाफ मामला दर्ज करें'02 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस असम में हिंसा के बाद कर्फ़्यू11 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हिंसक झड़पों के बाद हड़ताल का आहवान12 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस विधानसभा चुनाव अप्रैल-मई में होंगे01 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस 'घुसपैठ के मामले में कोई दया नहीं'01 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस मुठभेड़ में शीर्ष उल्फ़ा नेता की मौत01 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस असम में चुनावी सरगर्मी तेज़02 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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