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'घुसपैठ के मामले में कोई दया नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि सरकार अवैध घुसपैठ के मामले में कोई दया नहीं दिखाएगी. लेकिन साथ ही उन्होंने साफ़ किया कि विदेशियों के नाम पर लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा. मनमोहन ने ये घोषणा असम के अपने चुनावी दौरे के दौरान की. प्रधानमंत्री ने गोवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' मैं असम की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि अवैध घुसपैठ के मामले में कोई दया नहीं दिखाई जाएगी. साथ ही किसी भी नागरिक को इस मामले में परेशान नहीं होने दिया जाएगा.'' मनमोहन सिंह ने घोषणा की कि सरकार अवैध घुसपैठ के ख़िलाफ़ है और इसे रोकने के लिए सभी सकारात्मक क़दम उठा रही है. उल्लेखनीय है कि असम में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज़ हो गईं हैं. वहाँ पहले चरण के लिए मतदान तीन अप्रैल को होना है. ग़ौरतलब है कि असम में अवैध घुसपैठ एक बड़ा मुद्दा चुनावी मुद्दा है और कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए लागू विवादास्पद आईएमडीटी (इल्लीगल माइग्रेंट्स डिटर्मिनेशन बाई ट्राइब्यूनल) क़ानून को असंवैधानिक क़रार दे दिया था. इसके पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान अल्पसंख्यकों को आश्वस्त करने की कोशिश की आईएमडीटी क़ानून के निरस्त हो जाने के बावजूद उन्हें कोई परेशानी पेश नहीं आएगी. दूसरी ओर भाजपा महासचिव प्रमोद महाजन ने अपने चुनावी दौरे में आरोप लगाया था कि असम की मौजूदा कांग्रेस सरकार वोट बैंक राजनीति के तहत बांग्लादेशी घुसपैठियों को बढ़ावा दे रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें विधानसभा चुनाव अप्रैल-मई में होंगे01 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस विदेशी नागरिक क़ानून में संशोधन होगा10 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'रिहा किए जा सकते हैं असम के विद्रोही'08 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस असम में हिंसा के बाद कर्फ़्यू11 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हिंसक झड़पों के बाद हड़ताल का आहवान12 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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