|
'रिहा किए जा सकते हैं असम के विद्रोही' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने कहा है कि वह असम के प्रमुख विद्रोही समूह अल्फ़ा के कुछ गिरफ़्तार सदस्यों की रिहाई पर विचार कर सकती है. केंद्र की यूपीए सरकार और अल्फ़ा के लिए मध्यस्थता करने वाली नागरिक समिति के बीच मंगलवार को दूसरे दौर की बातचीत के बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये बात कही है. इस बातचीत से राज्य में 27 सालों से चल रहे अलगाववादी आंदोलन को ख़त्म करने की कोशिश की जा रही है. इस विवाद के चलते अब तक दस हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इससे पहले पिछले साल अक्तूबर में केंद्र और अल्फ़ा के लिए मध्यस्थता करने नागरिक समिति के बीच पहले दौर की चर्चा हुई थी. चर्चा में मध्यस्थता करने वाली नागरिक समिति का चयन अल्फ़ा ने ही किया है और इसमें लेखक और बुद्धिजीवी शामिल हैं. सरकार की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन और केंद्रीय गृहसचिव वीके दुग्गल इस चर्चा में उपस्थित थे. इस बैठक में यह भी तय हुआ है कि अल्फ़ा विद्रोहियों और केंद्र सरकार के बीच सीधी बातचीत से पहले इस नागरिक समिति और अधिकारियों के बीच एक बार चर्चा और हो. | इससे जुड़ी ख़बरें अल्फ़ा के साथ दूसरे दौर की चर्चा07 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'अल्फ़ा के साथ दूसरे दौर की वार्ता होगी'23 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस असम में अल्फ़ा ने कई धमाके किए22 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अल्फ़ा करेगा गणतंत्र दिवस का बहिष्कार20 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री की अल्फ़ा से बातचीत26 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस उल्फ़ा विद्रोहियों ने केंद्र को पत्र लिखा03 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||