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शनिवार, 11 फ़रवरी, 2006 को 08:39 GMT तक के समाचार
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असम में हिंसा के बाद कर्फ़्यू
सुरक्षाबल
हिंसा के बाद सुरक्षाबलों ने आसपास के इलाक़ों में कर्फ़्यू लगा दिया है
असम में हिंसक झड़पों के बाद तिनसुकिया ज़िले के कुछ इलाक़ों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है और सेना को तैनात कर दिया गया है.

असम के तिनसुकिया ज़िले के काकोपाथर इलाक़े में हुई हिंसा में दो पुलिसकर्मी और पाँच अन्य लोग मारे गए थे.

पुलिस का कहना है कि हिंसा पर उतारू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उन्हें गोली चलानी पड़ी.

प्रदर्शनकारी पुलिस हिरासत में हुई एक मौत का विरोध कर रहे थे. माना जा रहा था कि इस व्यक्ति के अलगाववादियों से संबंध थे.

यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ असम (उल्फ़ा) के विद्रोही अलग असम की माँग को लेकर पिछले 30 वर्षों से आंदोलन चला रहे हैं.

तनाव

पुलिस की गोलीबारी के बाद तनाव के कारण अधिकारियों ने काकोपाथर और इसके आसपास के इलाक़ों में कर्फ़्यू लगा दिया है.

पुलिस के अनुसार हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस थाने का घेराव किया और उसमें आग लगाने की कोशिश की.

 भीड़ थाने की ओर बढ़ रही थी और सुरक्षाबलों को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी
देबोजित हज़ारिका, पुलिस अधीक्षक

ज़िले के पुलिस अधीक्षक देबोजित हज़ारिका का कहना था,'' भीड़ थाने की ओर बढ़ रही थी और सुरक्षाबलों को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी.''

इस गोलीबारी में पांच लोग मारे गए. इसके बाद नाराज़ भीड़ ने दो पुलिसवालों की हत्या कर दी.

भीड़ अजित महंता की मौत का विरोध कर रही थी. माना जा रहा है कि उनके उल्फ़ा से संबंध थे.

महंता की सेना की हिरासत में मौत हो गई थी. इस मामले में तीन सैन्य अधिकारियों के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है.

असम में अलगाववादियों की हिंसा में अब तक लगभग 10 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.

इधर सोमवार को केंद्र सरकार और उल्फ़ा के बातचीत हुई थी और सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि सरकार उल्फ़ा के कुछ गिरफ़्तार सदस्यों की रिहाई पर विचार कर सकती है.

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