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'महाराष्ट्र में एहतियाती क़दम से बढ़ी आशंका' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र में बर्ड फ़्लू से प्रभावित शहर नवापुर और आसपास के 19 गाँवों को पूरी तरह सील करने की तैयारी चल रही है. यहाँ शनिवार को मुर्ग़ियों में बर्ड फ़्लू का पहला मामला प्रकाश में आया था. अधिकारियों ने बीबीसी को बताया है कि किसी भी व्यक्ति को शहर में जाने या फिर शहर से जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. ट्रक, बसों और निजी वाहनों को शहर के बाहर ही रोका जा रहा है. बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद के अनुसार गुरुवार से नवापुर स्टेशन पर कोई भी ट्रेन नहीं रुकेगी. सूत्रों का कहना है कि क़रीब 30 हज़ार की आबादी वाले इस शहर को गुरुवार तक पूरी तरह सील कर दिया जाएगा. प्रशासनिक स्तर पर उठाए जाने वाले इन क़दमों को काफ़ी गंभीर माना जा रहा है. हालाँकि भारत सरकार ने मीडिया में आई उन ख़बरों का खंडन किया है कि नवापुर में दो व्यक्तियों में बर्ड फ़्लू का वायरस पाया गया है. सामान्य सरकार की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि नवापुर में जिन 12 लोगों को पर्यवेक्षण में रखा गया है, वे सामान्य है.
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव विनीत चौधरी ने बीबीसी को बताया है कि राज्य के नंदुरबार ज़िले में 95 में से 90 लोगों में बर्ड फ़्लू का वायरस नहीं पाया गया है. बाक़ी के पाँच लोगों के बारे में गुरुवार तक पता चल जाएगा. लेकिन बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद का कहना है कि पर्यवेक्षण में रखे गए नौ लोगों के परिवारजनों को भी एहतियात के तौर पर अस्पताल भेज दिया गया है. महाराष्ट्र में बर्ड फ़्लू की पुष्टि होने से पहले पोल्ट्री फ़ॉर्म चलाने वाले एक किसान की सूरत में मौत हो गई थी. अब इस किसान के परिवार के तीन सदस्यों को भी अलग-थलग रखा गया है. प्रशासनिक स्तर पर ये कार्रवाई ऐसी रिपोर्टों के आने पर की जा रही है जिसमें कहा गया है कि नौ में कुछ लोगों में बर्ड फ़्लू का वायरस पाया गया है. हालाँकि स्वास्थ्य अधिकारी ऐसी ख़बरों का खंडन कर रहे हैं. दूसरी ओर नवापुर और आसपास के इलाक़ों में मुर्ग़ियों को मारे जाने का काम जारी है. राज्य के पशुपालन मंत्री अनीस अहमद ने बीबीसी को बताया कि मुर्ग़ियों को मारे जाने का काम पूरा होने वाला है. |
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