BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 22 फ़रवरी, 2006 को 06:00 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
पोल्ट्री उद्योग को आर्थिक नुकसान
अंडे
भारत में बड़े पैमाने पर पोल्ट्री उत्पादों का निर्यात होता है
भारत में बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि होने के बाद से मुर्गीपालन का कारोबार एक मुश्किल दौर से गुज़र रहा है.

इससे जुड़े लोगों का कहना है कि अब तक लगभग दो अरब रूपए का नुक़सान हो चुका है और आने वाले दिनों में यह और भी बढ़ सकता है क्योंकि अभी सिर्फ़ महाराष्ट्र और गुजरात की मुर्गियों में घातक वायरस होने की पुष्टि हुई है.

कुल मिलाकर देश भर में अब तक पाँच लाख मुर्गियों को बीमारी रोकने की कोशिश के तहत मारा जा चुका है.

इसके अलावा जिन राज्यों में बर्ड फ्लू के वायरस नहीं पाए गए हैं वहाँ भी मुर्गी और अंडों की बिक्री में भारी कमी आ गई है जिससे पोल्ट्री व्यवसायी परेशान है, भारत के ज़्यादातर शहरों में मुर्गियाँ पहले के मुक़ाबले आधी क़ीमत पर बिक रही हैं.

भारत में मुर्गी पालन एक उद्योग का रूप ले चुका है और इसका सालाना कारोबार लगभग तीन खरब रूपए का है, भारत दुनिया के सबसे बड़े अंडा और मुर्गी उत्पादक देशों में से एक है.

भारत में बर्ड फ्लू ख़बर आने के बाद से पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल जैसे कई देशों ने भारतीय मुर्गियों के आयात पर रोक लगा दी है जिससे भारी नुक़सान हो रहा है.

लेकिन भारतीय पोल्ट्री प्रोडक्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव पी वासन कहते हैं कि असली चिंता तो इस बात की है कि कहीं खाड़ी देश भी ऐसा ही प्रतिबंध न लगा दें.

उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, "अगर हालत ऐसी ही रही तो पचास करोड़ रूपए से अधिक का नुक़सान हो जाएगा."

होटल-रेस्तराँ

दिल्ली और मुंबई के कई रेस्तराँओं ने मुर्गी का माँस बेचना बंद कर दिया है, जहाँ इनकी बिक्री चल रही है वहाँ भी बहुत कम ग्राहक मुर्गी का माँस खा रहे हैं.

इक्का-दुक्का ग्राहक आ रहे हैं जबकि क़ीमत आधी रह गई है

दिल्ली में मुगलाई माँसाहारी खानों के लिए मशहूर एक पुराने रेस्तराँ 'करीम' ने तो मुर्गी का माँस बेचना सोमवार से ही बंद कर दिया है.

'करीम' के प्रबंध निदेशक ज़ियाउद्दीन अहमद कहते हैं, "किसी ने हमसे ऐसा करने को नहीं कहा लेकिन हमने एहतियातन यह फ़ैसला किया है."

भारत की सरकारी विमान सेवा, भारतीय रेल और संसद भवन की कैंटीन और देश की सबसे बड़ी एयरलाइन जेट एयरवेज़, इन सबने मुर्गी का माँस बेचना बंद कर दिया है जबकि पोल्ट्री के कारोबार से जुड़े लोग सरकार से अनुरोध कर रहे हैं कि जनता से अपील की जाए कि मुर्गी का माँस खाना अब भी सुरक्षित है.

पहले तय किया गया था कि बर्ड फ्लू से संक्रमित इलाक़े के तीन किलोमीटर के दायरे में सभी मुर्गियाँ मार दी जाएँगी लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस दायरे को बढ़ाकर दस किलोमीटर कर दिया है यानी बहुत बड़ी संख्या में मुर्गियों को एहतियात के तौर पर मारा जाएगा, जिससे पोल्ट्री व्यसायियों का ख़ासा नुक़सान होगा.

सरकार ने वादा किया है कि वह पोल्ट्री उद्योग की हरसंभव मदद करेगी लेकिन नुक़सान जारी है और उसके बढ़ने की आशंका बरकरार है.

बर्ड फ्लूबर्ड फ़्लू से जुड़े सवाल
कितना ख़तरनाक है यह रोग, कैसे फैलता है यह और क्या हैं इसके लक्षण...
इससे जुड़ी ख़बरें
रेलवे ने चिकन परोसना बंद किया
21 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
'बर्ड फ़्लू से किसी आदमी की मौत नहीं'
19 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
भारत में बर्ड फ्लू का पहला मामला
18 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>