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जागरुकता....रेत के मुर्गे से | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के एक कलाकार सुदर्शन पटनायक ने उड़ीसा राज्य में पुरी के समुद्र तट पर रेत से मुर्गे की बड़ी सी मूर्ति तैयार की है. रेत की बनी इस मूर्ति को बनाने का मकसद लोगों में बर्ड फ़्लू के प्रति जागरुकता पैदा करना है. रेत से मुर्गे की मूर्ति बनाने में सुदर्शन पटनायक को पाँच घंटे का समय लगा और इसमें आठ टन रेत का इस्तेमाल किया गया. सुदर्शन ने रॉयटर्स को बताया," रेत की इस मूर्ति बनाने का उद्देश्य बर्ड फ़्लू के प्रति जागरुकता पैदा करना है क्योंकि ज़्यादातर लोग इस बीमारी के बारे में जानते तक नहीं है और पुरी की ये बीच ऐसी जगह है जहाँ देश और विदेश से कई लोग आते हैं." शनिवार को भारत में बर्ड फ़्लू का पहला मामला महाराष्ट्र में सामने आया था. रेत से बनी मुर्गे की इस मूर्ति के बारे में एक पर्यटक ने कहा," जिस तरह से इसे बनाया गया है उससे लोगों तक सही संदेश जाता है,लोगों तक बात पहुँचाने का ये अच्छा तरीका है." बीच पर बनाई गई मूर्गे की इस मूर्ति के साथ पोस्टर भी रखे गए हैं जिन पर बर्ड फ़्लू के ख़तरे से लोगों को आगाह किया गया है. सुदर्शन पटनायक और उनके साथी कलाकार रेत से ही अंडे भी बना रहे हैं जिन्हें रेत के मुर्गे के साथ रखा जाएगा. सुदर्शन पटनायक इससे पहले रेत से ताज महल भी बना चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने सूनामी पर भी रेत से कलाकृति बनाई है. | इससे जुड़ी ख़बरें 2500 साल पुरानी कलाकृति होगी वापस21 फ़रवरी, 2006 | मनोरंजन बिकनी में देवियों के बाद सैंडल में 'ऊँ'16 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना कला को समर्पित जीवन | भारत और पड़ोस बेशक़ीमती कलाकृति की चोरी11 मई, 2003 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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