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'भारत में मानवों में बर्ड फ़्लू होने की आशंका' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र में अभी तक मानवों में बर्ड फ़्लू होने की आधिकारिक पुष्टि तो नहीं हुई है लेकिन नवापुर में उठाए जा रहे क़दमों से लग रहा है कि बात काफ़ी गंभीर हो सकती है. मुंबई से बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि नवापुर में जिन 12 लोगों को अलग-थलग रखा गया था उनके पूरे परिवार को अब अलग-थलग कर दिया गया है. संवाददाता का कहना है कि नवापुर को एक तरह से बिल्कुल सील कर दिया गया है. वैसे भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि महाराष्ट्र के नंदुरबार ज़िले में जिन 95 लोगों के ख़ून की जाँच की गई है उनमें से 90 के ख़ून में एवियन फ्लू वायरस का कोई संकेत नहीं मिला है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में सह सचिव विनीत चौधरी ने कहा है कि बाक़ी के पाँच लोगों के ख़ून के नमूनों की जाँच रिपोर्ट गुरूवार को आएगी. विनीत चौधरी ने कहा,"अभी हम पक्के तौर पर ये कह सकते हैं कि मानव में एवियन इंफ़्लूएंजा का कोई मामला नहीं आया है और मीडिया में कुछ लोगों की जाँच पोज़िटिव होने की अटकलें मेरे हिसाब से बिल्कुल ग़लत हैं". दूसरी ओर सरकार ने ये भी कहा है कि बर्ड फ़्लू के कोई नए मामले सामने नहीं आए हैं. स्वास्थ्य सचिव पी के होता ने कहा,''मानव नमूनों के परीक्षण विभिन्न चरणों में हैं और गुरुवार को इसके बारे में पता चल जाएगा.'' उन्होंने कहा कि यदि मानव में इसके लक्षण पाए गए तो वो सीमित होंगे. दूसरी ओर पशुपालन सचिव पीएमए हकीम ने चेतावनी दी है कि बढ़ते तापमान की वजह से यह वायरस फैल सकता है. हालाँकि उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू के कोई नए मामले सामने नहीं आए हैं और चिंता की कोई बात नही है. पशुपालन विभाग की संयुक्त सचिव उपमा चौधरी ने कहा कि महाराष्ट्र और गुजरात में मुर्गियों के मारने का काम 3 से 10 किलोमीटर के दायरे में पूरा हो गया है. उनका कहना था कि गुजरात में लगभग 73,157 मुर्गियों को मारा गया है और लगभग 22 लाख रुपए पशुपालकों को मुआवाजा अदा किया गया है. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में 2,08,892 मुर्गियों को मार दिया गया है. इसके अलावा 2,70,890 अंडों को नष्ट कर दिया गया है. सरकार की कोशिशें दूसरी ओर भारत सरकार के अधिकारी और पोल्ट्री उद्योग के लोग यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि यदि चिकन अच्छी तरह से पका हो तो उसे खाना सुरक्षित है. मंगलवार को केंद्र सरकार के अधिकारियों ने मीडिया के सामने चिकन खाकर यह संदेश देने की कोशिश की थी. सरकार इसको लेकर कितनी चिंतित है, उसका पता इस बात से चलता है कि पहले उसने तय किया था कि बर्ड फ्लू से संक्रमित इलाक़े के तीन किलोमीटर के दायरे में सभी मुर्गियाँ मार दी जाएँगी. लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस दायरे को बढ़ाकर 10 किलोमीटर कर दिया है. यानी बहुत बड़ी संख्या में मुर्गियों को एहतियात के तौर पर मारा जाएगा, जिससे पोल्ट्री व्यसायियों का ख़ासा नुक़सान होगा. सरकार ने वादा किया है कि वह पोल्ट्री उद्योग की हरसंभव मदद करेगी. |
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