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पार्टी के फ़ैसले से उमा भारती नाराज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने के पार्टी संसदीय बोर्ड के फ़ैसले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उमा भारती ने नाराज़गी ज़ाहिर की है. ख़ुद मुख्यमंत्री बनने की इच्छुक वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने कहा कि पार्टी ने एक तरह से इतिहास क़ायम किया है कि विधायक दल की बैठक के पहले ही विधायक दल का नेता घोषित कर दिया है. उन्होंने भोपाल के एक दैनिक में प्रकाशित ख़बरों को लेकर भी नाराज़गी ज़ाहिर की जिसमें कहा गया है कि उन्होंने भाजपा महासचिव अरुण जेटली से कथित रुप से कहा था कि वे आत्महत्या करने जा रही हैं. उल्लेखनीय है शनिवार को भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक फ़ैसला किया गया था कि मध्यप्रदेश में बाबूलाल गौर की जगह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री होंगे. नाराज़गी दो दिनों की चुप्पी के बाद उमा भारती ने भोपाल में पत्रकारों के सामने अपनी चुप्पी तोड़ी तो वे बेहद नाराज़ नज़र आईं. उन्होंने कहा, "मैं हमेशा पार्टी का अनुशासन मानती आई हूँ और कभी कोई अनुशासनहीनता नहीं की." मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकीं उमा भारती ने याद दिलाया कि मध्यप्रदेश में दो तिहाई जीत उन्होंने ही दिलवाई थी. उन्होंने संसदीय बोर्ड के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि संसदीय बोर्ड ने एक नया इतिहास रचा है और विधायक दल की बैठक होने के पहले ही विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. उल्लेखनीय है कि विधायक दल की बैठक सोमवार की शाम होनी है. अख़बार की ख़बर भोपाल से प्रकाशित होने वाले अख़बार दैनिक भास्कर की प्रति दिखाते हुए उमा भारती ने उस ख़बर पर गहरी आपत्ति ज़ाहिर की जिसमें कहा गया है कि वे आत्महत्या करने पर विचार कर रही थीं. उन्होंने कहा कि अख़बार ने लिखा है कि उन्होंने लोगों को आधी रात के बाद फ़ोन किया जो कि ग़लत है. उन्होंने भाजपा महासचिव अरूण जेटली से कहा कि उन्हें बताना चाहिए कि उनके नाम से यह ख़बर जो प्रकाशित हुई है वह अख़बार तक कैसे पहुँची. उल्लेखनीय है कि अख़बार ने लिखा है, "रात में जब अरूण जेटली का उमा भारती से फ़ोन पर संपर्क हुआ तो उमा भारती ने कहा कि वे अपना सुसाइड नोट भिजवा रही हैं." इस ख़बर में इस बात का भी ज़िक्र है कि गोविंदाचार्य ने भी उमा भारती को मनाने की कोशिश की थी. गौर का इस्तीफ़ा इससे पहले बाबूलाल गौर ने अपना इस्तीफ़ा पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी को भेज दिया था.
बाबूलाल गौर को उमा भारती ने अपने उत्तराधिकारी के रुप में मुख्यमंत्री बनाया था जब उमाभारती को एक पुराने मामले में ग़ैरज़मानती वारंट के कारण इस्तीफ़ा देना पड़ा था. उस समय बाबूलाल गौर के पास विधायकों का समर्थन नहीं था लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इसे स्वीकार कर लिया था. लेकिन बाद में उमा भारती और बाबूलाल गौर के बीच खींचतान शुरु हो गई. शनिवार को पार्टी के निर्णय के बाद इस्तीफ़ा लालकृष्ण आडवाणी को भेजते हुए बाबूलाल गौर ने कहा है कि पार्टी नेतृत्व और उनके सिद्धांतों से असहमति की वजह से वे इस्तीफ़ा दे रहे हैं. संभावना है कि विधायक दल की बैठक के बाद बाबूलाल गौर अपना इस्तीफ़ा राज्यपाल को सौंप देंगे और इसके बाद शिवराज सिंह चौहान मंगलवार की सुबह नए मुख्यमंत्री के रुप में शपथ लेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें गौर ने आडवाणी को इस्तीफ़ा भेजा27 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस शिवराज को गद्दी, उमा को निराशा26 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस मध्य प्रदेश भाजपा में विवाद गहराया17 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस उमा भारती भाजपा से निलंबित10 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस भारती ने पार्टी अध्यक्ष को इस्तीफ़ा सौंपा21 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस रिहा हुईं उमा भारती06 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस उमा भारती की जगह गौर मुख्यमंत्री23 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस क्या है उमा भारती का मामला ?23 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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