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नियंत्रण रेखा खोलने का प्रस्ताव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि पाकिस्तान ने भूकंप प्रभावित इलाक़ों में राहत कार्यों के लिए नियंत्रण रेखा पाँच जगह से खोलने का प्रस्ताव भारत के पास भेजा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्तान नवतेज सरना ने कहा कि भारत इस प्रस्ताव का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर रहा है. इससे पहले भारत ने नियंत्रण रेखा पर तीन राहत केंद्र खोलने की पेशकश की थी. नवतेज सरना ने कहा कि पाकिस्तान के भेजे गए प्रस्ताव और भारत के प्रस्ताव से मिलाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालय इन प्रस्तावों पर विचार करके जल्दी कोई नतीजे पर पहुँच जाएँ. पाकिस्तान की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है कि पाकिस्तान ने ये प्रस्ताव भारत के पास भेजे हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक़ भारत तीन राहत केंद्रों के ज़रिए राहत सामग्री पहुँचाने पर विचार करने के लिए भी तैयार है. भारतीय प्रस्ताव भारत ने कमान, पुँछ और तंगधार में तीन राहत केंद्र खोलने की पेशकश की है. भारत के प्रस्ताव के तहत राहत केंद्रों पर दोनों ओर के लोग परिजनों से मिल सकते हैं या एक दूसरे की मदद कर सकते हैं और ये राहत केंद्र केवल दिन में ही खुले रहेंगे. पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने हाल ही में कहा था कि वे नियंत्रण रेखा को खोले जाने का समर्थन करते हैं ताकि दोनों ओर के भूकंप प्रभावित लोगों की सहायता की जा सके. ग़ौरतलब है कि भारत पहले ही चार जगहों उड़ी, जम्मू, श्रीनगर और तंगधार में मुफ़्त टेलीफ़ोन सेवा केंद्र स्थापित कर चुका है ताकि भारत प्रशासित कश्मीर के लोग अपने परिजनों से मुजफ़्फ़राबाद में सीधा संपर्क कर सकें. आठ अक्तूबर को आए एक विनाशकारी भूकंप में 50 हज़ार से भी अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, मतृक संख्या और बढ़ने की आशंका जताई गई है. जबकि भारत प्रशासित कश्मीर में मृतकों की संख्या 1400 से ज़्यादा बताई गई है. भूकंप में सबसे अधिक तबाही पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हुई है. |
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