| पासवान को चुनाव आयोग का नोटिस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चुनाव आयोग ने लोकजनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान मुस्लिम मुख्यमंत्री की बात करने के मामले में नोटिस जारी किया है. चुनाव आयोग ने इस मामले में पासवान के ख़िलाफ़ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत मिलने के बाद नोटिस जारी किया है. चुनाव आयोग ने 24 अक्तूबर तक रामविलास पासवान को इसका जवाब देने को कहा है. लोकजनशक्ति पार्टी के प्रवक्ता का कहना है कि मुस्लिम मुख्यमंत्री की बात उनकी पार्टी के घोषणापत्र में हैं. रामविलास पासवान पर आरोप है कि उन्होंने धर्म के आधार पर मतदाताओं से अपील की. चुनाव आयोग का कहना है कि उन्हें इस बारे में दो शिकायतें मिली. शिकायत एक शिकायत की है सीमा सुरक्षा बल के पूर्व महानिदेशक प्रकाश सिंह और दूसरी शिकायत की है गौरव कथूरिया नाम के व्यक्ति ने. प्रकाश सिंह का आरोप है कि रामविलास पासवान का वादा न सिर्फ़ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है बल्कि भारतीय दंड संहिता और जनप्रतिनिधि क़ानून का भी उल्लंघन है. उन्होंने आरोप लगाया कि पासवान के वादे से लोगों की धार्मिक भावनाएँ भड़कती है. इस मामले में दूसरे शिकायतकर्ता गौरव कथूरिया ने पहले सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी ख़ारिज करते हुए उनसे कहा था कि वे इस मामले में चुनाव आयोग में शिकायत कर सकते हैं. इस साल के शुरू में हुए विधानसभा चुनाव में भी लोकजनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने किसी मुसलमान को राज्य का मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात कही थी. लोकजनशक्ति पार्टी के प्रवक्ता राजन जेम्स का कहना है कि उनकी पार्टी के घोषणापत्र में भी मुस्लिम मुख्यमंत्री की बात का उल्लेख हैं. उन्होंने कहा कि पहले भी कई पार्टियाँ इस तरह की बातें करती रही हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने सिर्फ़ उनसे अभी जवाब मांगा है और इसमें कोई बात नहीं. इस मामले पर काँग्रेस का कहना है कि जनप्रतिनिधि क़ानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं, इसका फ़ैसला चुनाव आयोग करेगा. |
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