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पहले चरण में 46 प्रतिशत मतदान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में विधानसभा की 243 सीटों में से 57 के लिए पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया है जिसमें 46 प्रतिशत मतदान होने की ख़बर है. नक्सली प्रभावित इलाकों की इन विधानसभा सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और पहली बार डिजिटल कैमरे लगाए गए थे. बिहार के मुख्य सचिव जीएस कंग ने पटना में पत्रकारों को बताया कि चुनावी हिंसा में सिर्फ़ एक व्यक्ति की मौत हुई है और उन्होंने 46 प्रतिशत मतदान होने की पुष्टि की. पुलिस की गोली से ये मौत औरंगाबाद के ओबरा में हुई है. वैसे कुल 19 जगह झड़पें हुई हैं. चुनावी गड़बड़ी रोकने के लिए दिन भर में 97 लोगों को गिरफ़्तार किया गया जिसमें चार उम्मीदवार हैं. तीन उम्मीदवार आरजेडी के हैं और एक निर्दलीय हैं. बिहार के पुलिस महानिदेशक के अनुसार जिन क्षेत्रों में मंगलवार को चुनाव हुआ है उन्ही क्षेत्रों में पिछली बार के विधानसभा चुनाव में हिंसा की 185 घटनाएँ हुई थीं और 24 लोग मारे गए थे. अभूतपूर्व सुरक्षा मतदान का समय सुबह साढ़े सात बजे से शाम साढ़े चार बजे तक का था. कुछ दूरस्थ इलाक़ों में सुरक्षा या तकनीकी कारणों से मतदान देर से शुरु होने की ख़बरें हैं. बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर ने बताया है कि सुबह नवादा ज़िले के वारसलीगंज चुनावक्षेत्र के मीरगंज गाँव में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक व्यक्ति की मौत सोमवार की रात जहानाबाद में हुई थी लेकिन इन्हें चुनावी हिंसा नहीं माना गया है. वैसे पहले इस चरण में 61 सीटों पर मतदान होना था लेकिन सुरक्षाकारणों से चार सीटों पर चुनाव 21 अक्तूबर के लिए टाल दिया गया है. बिहार में एक साल के भीतर हो रहे दूसरे विधानसभा चुनाव चार चरणों में पूरे होने हैं. पहले चरण में जिन सीटों पर चुनाव हुए उन सभी 12 ज़िलों में नक्सलियों का बड़ा प्रभाव माना जाता है. इन ज़िलों में पटना, बक्सर, गया, नवादा, बांका और औरंगाबाद शामिल है. राज्य चुनाव अधिकारियों के अनुसार सवा करोड़ मतदाताओं को 13 हज़ार 3 सौ 38 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का उपयोग करना था. अधिकारियों के अनुसार राज्य में 90 हज़ार से अधिक सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. इसमें केंद्रीय सुरक्षा बल, बिहार मिलिट्री पुलिस और होमगार्ड शामिल हैं. वैसे पिछले तीन महीनों में चुनाव की तैयारियों के दौरान राज्य प्रशासन ने एक लाख से अधिक आपराधिक तत्वों को गिरफ़्तार किया गया है जिनके बारे में आशंका थी कि वे चुनावों में गड़बड़ियाँ फैला सकते हैं. इसके अलावा चुनाव के दौरान चार सर्वसुविधायुक्त हैलिकॉप्टर भी निगरानी रखे हुए थे. राज्य चुनाव अधिकारी एनके सिन्हा ने स्पष्ट कर दिया था कि जिन मतदान केंद्रों पर राज्य प्रशासन सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाएगा वहाँ मतदान नहीं होगा. इस चरण की 57 सीटों में से 49 सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल ने अपने उम्मीदवार उतारे जबकि उसके सहयोगी कांग्रेस ने सात और सीपीएम ने एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा था. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के जनता दस यूनाइटेड ने 33, भाजपा ने 24 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. इस चरण के जिन चार सीटों पर चुनाव टाल दिया गया है उनमें गया (शहर), गया (ग्रामीण), बोधगया और बेलागंज हैं. |
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