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सोमवार, 15 अगस्त, 2005 को 02:51 GMT तक के समाचार
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'पाकिस्तान उग्रवाद का ढाँचा मिटाए'
लाल क़िले पर तिरंगा
सोमवार को 59वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लाल किले से दिए स्वतंत्रता दिवस भाषण में कहा है कि यदि जम्मू कश्मीर में हिंसा जारी रही तो सरकार उसका जवाब सख्ती से देगी.

उन्होंने कहा कि 'पाकिस्तान सरकार ने उग्रवाद पर काबू पाने के लिए कुछ पाबंदियाँ लगाईं हैं लेकिन आधे अधूरे क़दमों से सफलता हासिल नहीं होती है. इसके लिए ज़रूरी है कि उग्रवाद के सारे ढांचे को जड़ से उखाड़ा जाए.'

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत के 59वें स्वतंत्रता दिवस भाषण में कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ अमन चाहता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि जम्मू-कश्मीर अमन के रास्ते पर चलता रहे और इसमें हम सबको मदद करनी होगी.

उनका कहना था कि चरमपंथी कभी कश्मीरियों के हमदर्द नहीं रहे और जब तक वहाँ हमले होते रहेंगे, भारतीय सेनाएं उनका मुहँतोड़ जवाब देती रहेंगी.

मनमोहन सिंह ने कहा कि ऐसा कोई मसला नहीं है जो बातचीत से हल न किया जा सके.

उन्होंने कहा, ''जम्मू-कश्मीर की समस्या के समाधान के संबंध में बातचीत के लिए हमारे दरवाज़े हर किसी के लिए खुले हैं ताकि वहाँ के लोग शांति और सम्मान के साथ जी सकें.''

प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि जम्मू-कश्मीर में हिंसा जारी रही तो उसका जवाब सख्ती से दिया जाएगा.

ग़रीबी मिटाना

लाल किले से दिए अपने दूसरे भाषण में मनमोहन सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य ग़रीबी और भुखमरी को मिटाना है.

लाल क़िले से मनमोहन सिंह का भाषण
 चरमपंथी कभी कश्मीरियों के हमदर्द नहीं रहे और जब तक वहाँ हमले होते रहेंगे, भारतीय सेनाएं उनका मुहँतोड़ जवाब देती रहेंगी
मनमोहन सिंह

उनका कहना था कि विकास का लाभ सभी को मिले. साथ ही विकास की रफ़्तार सारे देश में एक सी हो. ऐसा न हो कि विकास की दौड़ में कोई राज्य पीछे छूट जाए.

मनमोहन सिंह कहना था कि अल्पसंख्यकों की हिफ़ाजत की ओर विशेष ध्यान दिया गया है. इसी के तहत पोटा समाप्त कर दिया गया. इससे कई वर्गों ने राहत की सांस महसूस की है.

उन्होंने घोषणा की कि देश में नई हरित क्रांति लाई जाएगी. किसान और खेती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

बुनियादी ढाँचा

प्रधानमंत्री का कहना था कि देश के विकास के लिए बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की ज़रूरत है.

 देश के विकास के लिए बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की ज़रूरत है. इसके बगैर गाँवों का विकास संभव नहीं होगा.
मनमोहन सिंह

इसके बगैर गाँवों का विकास संभव नहीं होगा और इसके लिए भारत निर्माण योजना चलाई जाएगी.

इसके तहत एक हज़ार की आबादी वाले सभी गाँवों और पर्वतीय 500 आबादी वाले गाँवों को सड़कों से जोड़ा जाएगा.

उन्होंने कहा कि महिलाएँ पढ़ी-लिखी हों और हर बच्चे को प्राथमिक शिक्षा मिले तभी भारत उभरती हुई ज्ञान शक्ति बन सकता है.

मनमोहन सिंह ने गाँवों के साथ-साथ शहरों के विकास पर भी ज़ोर दिया.

रोज़गार गारंटी

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार रोज़गार गारंटी योजना के प्रति प्रतिबद्ध है और इस संबंध में एक विधेयक जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा.

 अल्पसंख्यकों और अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के लिए नया 15 सूत्री कार्यक्रम शुरू किया जाएगा
प्रधानमंत्री

उन्होंने अल्पसंख्यकों और अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के लिए नए 15 सूत्री कार्यक्रम को शुरू करने की बात कही.

उन्होंने कहा कि भारत की 100 करोड़ की आबादी को देश की ताकत बनाना होगा.

स्वतंत्रता दिवस भाषण से पहले प्रधानमंत्री महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू, लालबहादुर शास्त्री, इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने गए.

इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह, इंद्रकुमार गुजराल, एचडी देवगौड़ा, लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गाँधी और अनेक केंद्रीय मंत्री उपस्थित थे.

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