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चरमपंथ को हराने की बात उठी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ ने देश के स्वतंत्रता दिवस पर चरमपंथ को मात देने की बात कही है. टेलीविज़न पर दिए भाषण में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने लोगों से कहा कि जो लोग पाकिस्तान को अँधेरे में धकेलना चाहते हैं उन्हें राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अस्वीकार कर दिया जाए. जबकि प्रधानमंत्री अज़ीज़ ने इस्लामाबाद में हुए समारोह में कहा कि हमें दुनिया को ये संदेश देना है कि पाकिस्तानी समाज चरमपंथ को स्वीकार नहीं करता. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दे उठाते हुए कहा कि स्थाई शांति के लिए इसका हल ज़रूरी है. उन्होंने पाकिस्तान के क्रूज़ मिसाइल परीक्षण का भी बचाव किया. लंदन में 7 जुलाई को हुए हमले के बाद से राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ रखा है. इसे देखते हुए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ और प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ दोनों पर ही पिछले दो सालों में जानलेवा हमले हो चुके हैं. पाकिस्तान रविवार को अपना 58वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. भारत और पाकिस्तान दोनों ने 1947 में ब्रितानी राज से स्वतंत्रता हासिल की थी. भारत सोमवार को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाएगा. |
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