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मुशर्रफ़ पाकिस्तान पर आरोप से नाराज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि उन्हें इस बात पर बहुत ग़ुस्सा आता है जब दुनिया में चरमपंथ को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है. मुशर्रफ़ ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस से बात करते हुए कहा कि चरमपंथ एक ऐसी समस्या है जिसका सामना करने के लिए सभी देशों को मिल-जुलकर काम करना होगा. उल्लेखनीय है कि सात जुलाई को लंदन में हुए बम धमाकों के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने पाकिस्तान से कहा था कि वह मदरसों में चरमपंथ को बढ़ावा देनेवाले लोगों के ख़िलाफ़ क़दम उठाए. लंदन में सात जुलाई को हुए धमाकों में शामिल तीन हमलावर पाकिस्तानी मूल के ब्रितानी नागरिक थे. उनमें से दो पिछले वर्ष नवंबर में पाकिस्तान गए थे लेकिन ये पता नहीं है कि वे वहाँ चरमपंथियों से मिले थे कि नहीं. मुशर्रफ़ नाराज़ बीबीसी से बातचीत करते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि किसी और देश में चरमपंथी हमले के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. मुशर्रफ़ ने कहा,"मुझे खीझ होती है जब लोग खड़े होकर पाकिस्तान पर आरोप लगाना शुरू कर देते हैं, हमें अपना रवैया संतुलित रखना चाहिए". उन्होंने कहा,"मैं पहले से ही कहता रहा हूँ कि आतंकवाद का सामना करने के लिए सभी देशों को आपस में समन्वय रखकर कोशिश करनी चाहिए. ये बेहतर तरीक़ा है बजाय इसके कि एक-दूसरे पर इलज़ाम लगाया जाए". मुशर्रफ़ ने कहा कि वे मानते हैं कि पाकिस्तान में अल क़ायदा का ढांचा टूट चुका है और उन्हें इस बात पर संदेह है कि लंदन में धमाका करनेवाले हमलावरों को सीधे ओसामा बिन लादेन से आदेश मिले थे. पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने लंदन धमाकों के बाद पाकिस्तान में मदरसों पर लगाम कसना शुरू कर दिया है और पिछले दो सप्ताह में वहाँ 600 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. पाकिस्तानी मदरसों से सभी विदेशी छात्रों को चले जाने के लिए कह दिया गया है और उन्हें इस वर्ष दिसंबर तक अपने आपको सरकार के पास रजिस्टर करवाने के लिए कहा गया है. |
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