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'पाकिस्तान में अल क़ायदा समाप्त' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि अल क़ायदा की वहाँ अपने अभियान चलाने की क्षमता तहस-नहस कर दी गई है. परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि अल क़ायदा ने लंदन, मिस्र या कहीं और जो बम धमाके किए होंगे उनका पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं रहा होगा. उन्होंने कहा, "अल क़ायदा का पाकिस्तान में अब कोई वजूद नहीं है." इससे पहले ऐसी ख़बरें आई थीं कि मिस्र में हुए धमाकों के सिलसिले में पाकिस्तानी अभियुक्तों की तलाश की जा रही है. इन बम धमाकों में 88 लोगों की मौत हुई थी. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि अल क़ायदा की 'शरणस्थलियों' को तहस-नहस कर दिया गया है और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अल क़ायदा के 700 से ज़्यादा सदस्यों को गिरफ़्तार किया है. 'ग़लत' परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि हो सकता है कि अल क़ायदा के सदस्यों के छोटे-छोटे गुट वज़ीरिस्तान के क़बायली इलाक़ों में अब भी सक्रिय हों लेकिन उनकी क्षमता ठोस तरीक़े से कम हो गई है. ग़ौरतलब है कि वज़ीरिस्तान अफ़ग़ानिस्तान से मिलने वाली सीमा पर स्थित एक क़बायली इलाक़ा है.
परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "हमने यहाँ उनके नेटवर्क को तहस-नहस और समाप्त कर दिया है." उन्होंने कहा कि अल क़ायदा का संचार नेटवर्क सिर्फ़ एक 'कूरियर नेटवर्क' की हद तक सीमित कर दिया गया है. परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "क्या ऐसे में यह संभव है कि यहाँ बैठा अल क़ायदा का कोई आदमी, चाहे वह कोई भी हो, लंदन, शर्म अल शेख़ या इस्तांबूल या फिर अफ्रीका में बम धमाकों की योजना बना सकता है, यह बिल्कुल ग़लत है." इससे पहले ऐसी ख़बरें आई थीं कि मिस्र को कुछ पाकिस्तानी लोगों की तलाश है और मिस्र के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय ने इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की कि उन पाकिस्तानी लोगों का शर्म अल शेख़ में हुए बम धमाकों से कोई संबंध है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उन्हें इस बारे में संदेह है कि मिस्र में हुए बम धमाकों से पाकिस्तानी लोगों का कोई संबंध है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा था कि उन्हें मिस्र से इस बारे में कोई आधिकारिक संदेश नहीं मिला है. |
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