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मदरसों के ख़िलाफ़ व्यापक अभियान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में मदरसों के ख़िलाफ़ चल रहे अभियान के तहत अधिकारियों ने 200 से ज़्यादा संदिग्ध इस्लामी कट्टरपंथियों को हिरासत में लिया है. इन्हें राजधानी इस्लामाबाद और देश के अन्य हिस्सों से गिरफ़्तार किया गया है. प्रतिबंधित चरमपंथी गुटों या फिर लंदन बम धमाकों के हमलावरों से इनके संभावित संबंधों के बारे में पूछताछ हो रही है. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ गुरुवार सुबह राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं जिसमें वे धार्मिक कट्टरपंथियों से निपटने के लिए नए क़दमों की घोषणा कर सकते हैं. सबसे बड़ा अभियान इस्लामाबाद के एक प्रतिष्ठित मदरसे पर हुआ जहाँ रातभर कार्रवाई चलती रही. लाल मस्जिद और इससे सटा मदरसा एक प्रतिबंधित चरमपंथी गुट के समर्थन के कारण जाना जाता है. पुलिसकर्मियों ने मध्यरात्रि के क़रीब इस मदरसे पर छापा मारा और दो वरिष्ठ मौलवियों और 15 से ज़्यादा छात्रों को पकड़कर ले गए. नारेबाज़ी जल्द ही इस मदरसे के बाहर सैकड़ों की संख्या में छात्र इकट्ठा हो गए. उन्होंने अमरीका और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की.
लेकिन वहाँ मौजूद दंगा विरोधी पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े और लोगों को भगा दिया. इस्लामाबाद के अलावा पंजाब के तीन शहरों में भी कई मदरसों पर छापे मारे गए. अधिकारियों के अनुसार 70 से ज़्यादा लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. हालाँकि किसी के ख़िलाफ़ औपचारिक रूप से कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है. पाकिस्तान के गृह मंत्री आफ़ताब ख़ान शेरपावो ने इस बात से इनकार किया है कि कार्रवाई लंदन बम धमाकों के सिलसिले में चल रही है. उन्होंने कहा कि यह सरकार की उन कोशिशों का हिस्सा है, जिनके तहत सरकार चाहती है कि ये मदरसे चरमपंथियों का अड्डा न बनें. एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि कार्रवाई का एक मुख्य मक़सद लंदन धमाकों के उन दो हमलावरों की गतिविधियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करना है जब वे पिछले साल पाकिस्तान आए थे. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई मदरसों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो सकती है. |
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