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विदेशी छात्र चले जाएँ: मुशर्रफ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि पाकिस्तान में मदरसों में पढ़नेवाले लगभग 1400 विदेशी छात्रों से कहा है कि वे देश छोड़कर चले जाएँ. परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस्लामाबाद में विदेशी पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मदरसों में पढ़ाई के लिए विदेशी छात्रों को अब नए वीज़ा नहीं दिए जाएँगे. उन्होंने कहा कि चाहे किसी छात्र के पास दो देशों की ही नागरिकता क्यों ना हो, उन्हें देश छोड़ना होगा. मुशर्रफ़ ने कहा,"हम चरमपंथी गतिविधियों के लिए मदरसों का इस्तेमाल नहीं होने देंगे जिनसे हमारे समाज में नफ़रत फैलती हो." पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कहा कि आनेवाले दिनों में इस संबंध में एक अध्यादेश जारी किया जाएगा. ऐसा अनुमान है कि पाकिस्तान में लगभग 20,000 मदरसें हैं जिनमें लगभग 17 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. कार्रवाई
परवेज़ मुशर्रफ़ ने ये भी कहा है कि ऐसे मदरसों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने सरकार के पास अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है. परवेज़ मुशर्रफ़ ने इससे पहले कहा था कि पाकिस्तान के सभी मदरसों को इस वर्ष दिसंबर से पहले रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. पाकिस्तान में लंदन में हुए धमाकों के बाद मदरसों में धर-पकड़ शुरू किया गया है. 15 जुलाई से लेकर अभी तक सैकड़ों मौलवियों और सशस्त्र चरमपंथियों को हिरासत में लिया गया है. लेकिन राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी भी गिरफ़्तारी का लंदन धमाकों से सीधा संबंध नहीं पाया गया है. उन्होंने कहा,"जाँच चल रही है और अभी कुछ कहना जल्दीबाज़ी होगी. ये बहुत ही मुश्किल काम है". परवेज़ मुशर्रफ़ ने मस्जिदों में या किसी दूसरे तरह की रिकॉर्डेड सामग्रियों में पश्चिमी देशों के विरूद्ध किसी तरह की भड़काऊ टिप्पणी करनेवालों को भी चेतावनी दी है. |
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