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क़दीर ख़ान के सीने में दर्द की शिकायत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक कहे जाने वाले डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान ने सीने में दर्द की शिकायत की है. पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता शौकत सुल्तान ने कहा है कि डॉक्टरों ने उन्हें एंजियोग्राफ़ी का मशवरा दिया है. अब्दुल क़दीर ख़ान अपने घर पर ही हैं और डॉक्टरों ने विस्तार से उनके स्वास्थ्य की जाँच की है. बताया गया है कि दो दिन बाद डॉक्टर ख़ान की एंजियोग्राफ़ी की जाएगी. ईरान और लीबिया को परमाणु जानकारी देने के मामले में अपना हाथ होने की बात स्वीकार कर लेने के बाद से अब्दुल क़दीर ख़ान को उनके घर में नज़रबंद रखा गया है. पाकिस्तान की सरकार ने अब्दुल क़दीर ख़ान को इस मामले में माफ़ी दे दी थी लेकिन उनकी कहीं आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी. पिछले वर्ष भी इस तरह की ख़बरें आई थीं कि अब्दुल क़दीर ख़ान को दिल का दौरा पड़ा है लेकिन पाकिस्तान सरकार ने इन ख़बरों का खंडन किया था. डॉक्टर ख़ान से परमाणु जानकारी ईरान और लीबिया को दिए जाने के बारे में पाकिस्तानी एजेंसियों ने कई बार गहन पूछताछ की है. पाकिस्तान को परमाणु जानकारी के प्रसार की बात खुलने के बाद काफ़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है. पाकिस्तान के शीर्ष परमाणु केंद्र के प्रमुख के रूप में वर्ष 2001 में अवकाश प्राप्त करने के बाद से अब्दुल क़दीर ख़ान वैज्ञानिक सलाहकार के पद पर काम कर रहे थे. हालाँकि पाकिस्तान सरकार ने उनकी गतिविधियों के बारे में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को अवगत करा दिया है लेकिन उसने इस बात से इनकार कर दिया कि कोई विदेशी अधिकारी डॉक्टर ख़ान से पूछताछ करे. |
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