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क़दीर ख़ान पर अमरीकी रिपोर्ट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की ख़ुफिया एजेंसी सीआईए का कहना है कि पाकिस्तानी वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान ने ईरान को पहले व्यक्त की जा रही है आशंका से कहीं अधिक परमाणु सामग्री उपलब्ध कराई है. सीआई ने संसद में एक रिपोर्ट पेश की है जिसमें कहा गया है कि अब्दुल क़दीर ख़ान ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम की बहुत मदद की है. रिपोर्ट के मुताबिक़ ख़ान ने ईरान को आधुनिक हथियारों के डिज़ाइन और उपकरण उपलब्ध कराए, पहले जितना समझा जा रहा था उससे कहीं अधिक आधुनिक और अधिक मात्रा में. अब्दुल क़दीर ख़ान ने स्वीकार किया है कि उन्होंने ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई थी, उन्होंने अपनी इस 'ग़लती' के लिए माफ़ी भी माँगी थी. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने उन्हें क्षमादान देने की घोषणा कर दी थी लेकिन वे अब अपने घर में ही नज़रबंद हैं. अमरीका से वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार शाहीन सहबाई का कहना है कि इस रिपोर्ट के आने के बाद पाकिस्तान पर अमरीकी दबाव बढ़ेगा कि वह ख़ान को उनके हवाले करे. बताया जाता है कि अमरीका अब्दुल क़दीर ख़ान से पूछताछ करना चाहता है लेकिन पाकिस्तान सरकार इसके लिए अभी तक राज़ी नहीं हुई है. पिछले सप्ताह पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि इस बात के सबूत नहीं है कि ख़ान ने ईरान को संवर्धित यूरेनियम दिया या परमाणु हथियारों के डिज़ाइन उपलब्ध कराए. यह रिपोर्ट काफ़ी विस्तृत है और इसके ज़्यादातर हिस्से गोपनीय हैं, अमरीकी संसद इस रिपोर्ट का विस्तार से अध्ययन करेगी. बताया गया है कि इस रिपोर्ट में अब्दुल क़दीर ख़ान की शुरू से लेकर ताज़ा गतिविधियों का पूरा विवरण है, ईरान के परमाणु कार्यक्रम की जाँच के दौरान भी बहुत सारी जानकारियाँ ख़ुफ़िया अधिकारियों को मिली हैं. |
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