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'अमरीकी-ब्रितानी जासूसों ने दी जानकारी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के अध्यक्ष जॉर्ज टेनेट ने कहा है कि डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान ने परमाणु जानकारी कई देशों को बेची इस बात का पर्दाफ़ाश अमरीकी और ब्रितानी जासूसों ने किया. उनका कहना है कि अमरीका और ब्रिटेन के जासूस कई दिनों सालों से डॉक्टर ख़ान के तीन महाद्वीपों में फैले नेटवर्क पर नज़र रखे हुए थे. जॉर्ज टेनेट के अनुसार इन गुप्तचरों ने इस काम में लगे वैज्ञानिकों, कंपनियों और निर्माण कार्य में लगे संयंत्रों की पूरी जानकारी हासिल कर ली थी. उनका कहना है कि जासूसों ने इस बात की पुष्टि की थी कि यह नेटवर्क ग़ैरक़ानूनी ढंग से यूरेनियम को परमाणु बम में बदलने वाली मशीनें बेच रहे थे. सीआईए प्रमुख ने कहा है कि डॉक्टर ख़ान की मेहरबानी से ही लीबिया और दूसरे देश परमाणु हथियार तैयार करने की मेहनत से बच गए और उनका समय भी बच गया. स्वागत अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने पाकिस्तान सरकार की उस घोषणा का स्वागत किया है जिसमें कहा गया है कि परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी जानकारियाँ लीक करने के पीछे उसका हाथ नहीं है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्कॉट मैकलेलन ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने यह आश्वासन दिया है कि इसके पीछे सरकार का कोई हाथ नहीं है. दूसरी ओर पाकिस्तान की इस्लामी विपक्षी पार्टियों ने क़दीर ख़ान के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर आम हड़ताल की घोषणा की है. उनका कहना है कि डॉक्टर ख़ान को मोहरा बनाया जा रहा है. जमात-ए-इस्लामी पार्टी के क़ाज़ी हुसैन अहमद ने कहा है कि डॉक्टर क़दीर पर क्या आरोप हैं यह अब तक नहीं बताया गया है. उनका कहना है कि यदि आरोप गंभीर हैं तो उन पर खुली अदालत में मुक़दमा चलाया जाना चाहिए. |
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