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अंतरराष्ट्रीय जाँच नहीं: मुशर्रफ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान को परमाणु जानकारी लीक करने के मामले में माफ़ी देने के बाद कहा है कि वे किसी अंतरराष्ट्रीय जाँच के लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है और वह अपने देश के अंदर किसी बाहरी एजेंसी को जाँच करने की अनुमति नहीं देगा. एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि देश का परमाणु कार्यक्रम जारी रहेगा. अंतरराष्ट्रीय जाँच के बारे में एक विदेशी पत्रकार के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "पाकिस्तान स्वतंत्र देश है, कोई देश के अंदर आकर चेक नहीं कर सकता, यूरोपीय भी शामिल हैं, उनसे कोई क्यों नहीं पूछता, कोई स्वतंत्र जाँच नहीं होगी, किसी को कोई दस्तावेज़ नहीं दिए जाएँगे." उन्होंने कहा, "हमारे ऊपर किसी का प्रेशर नहीं है, पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम देश का सबसे बड़ा काम है, उससे कोई समझौता नहीं होगा." उनका कहना था, "जो लोग देश के दुश्मन हैं वो ऐसा प्रचार कर रहे हैं कि पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम बंद हो रहा है, लोगों ने ऐसा प्रचार किया जिससे लगे कि पाकिस्तान का नियंत्रण परमाणु ज़खीरे पर नहीं है." परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि परमाणु जानकारी लीक होने की विस्तृत जाँच हुई है और "मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि इसमें सरकार या सेना शामिल नहीं है." माफ़िया उन्होंने कहा कि "जाँच से एक बात और निकली कि अंडरवर्ल्ड इन्वाल्व है, हमने भी परमाणु ताक़त अंडरवर्ल्ड के ज़रिए बनाई है. दुनिया की सब जौहरी ताक़तें अंडरवर्ल्ड की मदद से बनी हैं, हमारी भी, भारत की भी. यूरोपीय देश शामिल हैं, उनके लोग शामिल हैं." मुशर्रफ़ ने कहा, "कुछ लोग कहते हैं कि जिनको जानकारी मिली वे मुस्लिम भाई हैं, केवल मुस्लिम भाई नहीं है, उत्तर कोरिया भी है. मुस्लिम भाइयों को जानकारी देने का नतीजा देख लिया, उन्होंने हमारा नाम लेने से पहले तो नहीं पूछा." एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "अब्दुल क़दीर ख़ान जैसे हीरो को हम आम आदमी से बड़ा मान लेते हैं लेकिन वे भी हमारी तरह इंसान हैं. अफ़सोस होता है, जब सचाई सामने आती है, सवाल ये है कि पाकिस्तान बड़ा है या हीरो." उन्होंने कहा, "मेरा पहला काम देश की हिफ़ाज़त करना है, ये नहीं हो सकता कि मैं हीरो को बचाते-बचाते मुल्क को तबाह कर दूँ. मेरा फ़ैसला नहीं बदल सकता." विदेशी दबाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "हमारे ऊपर कोई प्रेशर नहीं है, कोई नहीं कह रहा है कि क़दीर ख़ान का क्या करना है. मैंने किसी से फ़ोन तक पर बात नहीं की है." "कैबिनेट ने क्षमा देने की सिफ़ारिश की है, उन्होंने ग़लतियाँ की हैं जिसका मुझे अफ़सोस है, लेकिन वे नेशनल हीरो हैं इसलिए मैं उन्हें माफ़ करता हूँ." उन्होंने पाकिस्तान के राजनीतिक नेताओं से कहा कि वे इस मामले में राजनीति करने से बाज़ आएँ. "आपको समझना चाहिए कि पाकिस्तान सबसे पहले है और उसके बाद ही कुछ और है, लेकिन अफ़सोस की बात है कि संवेदनशील मामलों में भी हम सियासत करने लगते हैं." |
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