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'डॉ क़दीर ने परमाणु सूचनाएँ बाँटने की बात मानी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी अख़बारों में इस तरह की ख़बरें छपी हैं कि देश के परमाणु कार्यक्रम के जनक डॉ. अब्दुल क़दीर ख़ान समेत पाँच वैज्ञानिकों ने संवेदनशील परमाणु सूचनाएँ अन्य देशों को बाँटने की बात मान ली है. देश के कुछ प्रमुख अख़बारों ने कुछ ऐसे अनाम सरकारी अधिकारियों के हवाले से ये खबरें छापी हैं जो इस मामले की जाँच पड़ताल में शामिल रहे हैं. लेकिन इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता पॉल एंडरसन का कहना है कि अभी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई कि डॉक्टर क़दीर ख़ान ने यह बात मानी है या नहीं. पिछले क़रीब दो महीने से दस से भी अधिक वैज्ञानिकों से पूछताछ की जा रही थी. अनेक अख़बारों का कहना है कि रविवार को पूछताछ पूरी होने के बाद डॉक्टर क़दीर ख़ान ने ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक दिए जाने की बात मान ली है. लेकिन अभी यह साफ़ नहीं है कि यह सिर्फ़ तकनीक देने की बात है या कोई उपकरण भी दिए गए. जाँचकर्ता इस पहलू पर भी ग़ौर कर रहे हैं कि ईरान और लीबिया ने कुछ उपकरण या हथियारों में काम आने वाला यूरेनियम तैयार करने की तकनीक हासिल कर ली थी. उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक पाकिस्तान से लीक होने की ख़बरें कई वर्षों से चल रही थीं. शनिवार को पाकिस्तान परमाणु नियंत्रण प्राधिकरण की बैठक राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की अध्यक्षता में हुई थी जिसके बाद डॉक्टर क़दीर ख़ान को सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार पद से बर्ख़ास्त करने का फ़ैसला किया गया.
अगर ताज़ा ख़बरों की पुष्टि हो जाती है तो उन पर मुक़दमा चलाने या नहीं चलाने पर फ़ैसला किया जाएगा. यह क़दम कुछ ख़तरों से भरा होगा लेकिन शायद ऐसा क़दम जिससे बचना मुश्किल होगा. अब्दुल क़दीर ख़ान को देश के हीरो के रूप में देखा जाता रहा है इस मामले पर राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को लोगों के ग़ुस्से का सामना करना पड़ सकता है. लेकिन परमाणु तकनीक दूसरे देशों को देने का आरोप इतना गंभीर है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ इस समस्या पर कोई ढिलाई बरतते नज़र नहीं आना चाहेंगे. रिपोर्ट मुशर्रफ़ के पास कुछ समाचार एजेंसियों का कहना है कि वैज्ञानिकों की स्वीकारोक्ति के बारे में 11 पेज की एक रिपोर्ट राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को सौंप दी गई है. माना जाता है कि मुशर्रफ़ अगले कुछ दिनों में इस पर बयान देंगे. स्वीकारोक्ति के बाद डॉ क़दीर और अन्य वैज्ञानिकों के ख़िलाफ़ क़ानून के तहत कार्रवाई करने का अधिकार न्यूक्लियर कमांड ऑथरिटी को है. इस बीच पाकिस्तान के विपक्षी दलों ने सरकार को चेतावनी दी है कि देश के परमाणु वैज्ञानिकों से कथित दुर्व्यवहार के विरोध में वे देशव्यापी आंदोलन छेड़ेंगे. |
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