|
'क़दीर ख़ान ने परमाणु उपकरण दिए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की सरकार ने स्वीकार किया है कि परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान ने ईरान को ऐसे उपकरण उपलब्ध कराए थे जिनसे परमाणु ईंधन या परमाणु हथियार बनाए जा सकते थे. हालाँकि क़दीर ख़ान ने पहले यह मान लिया था कि उन्होंने ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को महत्वपूर्ण परमाणु जानकारी दी है. लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि पाकिस्तान की सरकार ने यह स्वीकार किया है कि उपकरण देने के मामले में अब्दुल क़दीर ख़ान शामिल थे. पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने कहा है कि सरकार क़दीर ख़ान की गतिविधियों में शामिल नहीं थी. क़दीर खान पर जो उपकरण ईरान को देने का आरोप लग रहा है, उसका इस्तेमाल यूरेनियम को परिष्कृत करने के लिए होता है. वैसे ईरान भी अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव झेल रहा है. ख़ासकर अमरीका ईरान के परमाणु कार्यक्रम की आलोचना करता रहा है. अमरीका के साथ-साथ यूरोपीय देशों और संयुक्त राष्ट्र ने ईरान की इस कारण आलोचना की है कि वह अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को नहीं रोक रहा है. आलोचना इसी महीने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद अल बरादेई ने कहा था कि ईरान को ख़ुद को साफ़-सुथरा साबित करना होगा.
अमरीका ईरान पर आरोप लगाता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम हथियारों के लिए है जबकि ईरान का कहना है कि यह शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है. पिछले साल की शुरुआत में पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान ने यह स्वीकार करके सबको स्तब्ध कर दिया था कि उन्होंने परमाणु जानकारी लीक की है. उन्होंने लीबिया, ईरान और उत्तर कोरिया को परमाणु जानकारी देने की बात स्वीकार की थी. पाकिस्तान के शीर्ष परमाणु केंद्र के प्रमुख के रूप में वर्ष 2001 में अवकाश प्राप्त करने के बाद से अब्दुल क़दीर ख़ान वैज्ञानिक सलाहकार के पद पर काम कर रहे थे. लेकिन परमाणु जानकारी लीक करने की बात स्वीकार करने के बाद वे अपने घर में नज़रबंद जैसी स्थिति में रह रहे हैं. हालाँकि पाकिस्तान सरकार ने उनकी गतिविधियों के बारे में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को अवगत करा दिया है लेकिन उसने इस बात से इनकार कर दिया कि कोई विदेशी अधिकारी डॉक्टर ख़ान से पूछताछ करे. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||