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क़दीर ख़ान को 'खुली माफ़ी' नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि अन्य देशों को परमाणु तकनीक लीक करने के दोषी वैज्ञानिक क़दीर ख़ान को 'खुली माफ़ी' नहीं दी गई है और उनसे आगे भी पूछताछ हो सकती है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने कहा है कि डॉ. क़दीर ख़ान को दी गई माफ़ी सशर्त है, और यह अब तक उनकी स्वीकारोक्ति के संबंध में ही है. उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह पाकिस्तानी टेलीविज़न पर क़दीर ख़ान ने परमाणु तकनीक लीक करने की बात स्वीकार करते हुए माफ़ी की अपील की थी. बाद में केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफ़ारिश पर राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने उन्हें माफ़ी देने की घोषणा की थी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने सोमवार को कहा कि क़दीर द्वारा परमाणु तकनीक अन्य देशों को लीक करने के मामले की जाँच आगे भी जारी रहेगी. उन्होंने इस बात पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया कि क्या और सबूत मिलने की स्थिति में क़दीर ख़ान के ख़िलाफ़ मामलों की नए सिरे पड़ताल की जाएगी. मसूद ख़ान ने कहा कि परमाणु तकनीक के प्रसार के मामले की पड़ताल जारी है और इस संबंध में पूरी जानकारी अंतररष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को दी जाएगी. उन्होंने कहा कि क़दीर ख़ान जाँच मामले में अधिकारियों से सहयोग कर रहे हैं. मसूद ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार सुरक्षित हाथों में हैं. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान एक ज़िम्मेदार परमाणु ताक़त है जो कि बिना किसी बाहरी सहायता के अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर सकता है." |
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