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बलात्कारियों को 16 दिन में सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान के जोधपुर में एक जर्मन महिला पर्यटक के साथ बलात्कार के आरोप में एक टैक्सी चालक और उसके साथी को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है. यह सज़ा जोधपुर की एक विशेष त्वरित अदालत के अतिरिक्त ज़िला न्यायाधीश प्रवीण कुमार भटनागर ने सुनाई है. इस फ़ैसले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बलात्कार की घटना के सिर्फ़ 16 दिनों के बाद अभियुक्तों को सज़ा सुना दी गई है. यह देश में सबसे तेज़ी से सुनाई गई सज़ाओं में से एक है. पुलिस के मुताबिक़ बलात्कार की यह घटना 11 मई को हुई थी और अगले ही दिन इसकी रिपोर्ट दर्ज की गई थी. राजस्थान पुलिस ने इस मामले में 16 मई को चालान पेश किया था. यानी उसी दिन से मुक़दमा शुरु हुआ था. सरकारी वकील हस्तीमल पारेख के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने कहा है कि टैक्सी चालक शंकर लाल और उसके साथी राकेश को न्यायाधीश ने पाँच-पाँच हज़ार रुपए का जुर्माना भी अदा करने को कहा है. घटना बलात्कार की शिकार जर्मन महिला एक विमान कंपनी की कर्मचारी है और वह ख़ुद एक बार अदालत में उपस्थित हुई थीं और वहाँ उन्होंने अभियुक्तों की शिनाख़्त की थी. इसके बाद वह अपने देश वापस लौट चुकी हैं. जर्मन पर्यटक 11 मई को उस वक़्त दो लोगों का तब निशाना बनीं जब वह जोधपुर में अपने होटल जा रही थी. पुलिस के मुताबिक़ सोफ़िया ने एक टैक्सी किराए पर ली थी लेकिन टैक्सी चालक और उसका एक साथी सोफ़िया को एक निर्जन स्थान पर ले गए और उनके साथ ज़बरदस्ती की. महिला की चीख-पुकार सुनकर लोगों ने टैक्सी चालक पर पथराव किया और पुलिस को ख़बर दी. पुलिस ने दोनों को गिरफ़्तार कर लिया था. इस घटना के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि इस मामले की तेज़ी से सुनवाई करते हुए एक महीने के भीतर फ़ैसला किया जाए. |
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