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बलात्कार का अभियुक्त मेजर निर्दोष | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर में एक सेन्य प्रवक्ता ने कहा है कि मेजर रहमान हुसैन को एक डीएनए जाँच के बाद बलात्कार के आरोप से तो बरी कर दिया गया है लेकिन उनका कोर्ट मार्शल तर्कसंगत परिणाम तक जारी रहेगा. मेजर रहमान पर सीमावर्ती हिंदवाड़ा शहर में एक महिला के साथ बलात्कार करने और उसकी 10 वर्षीया बेटी के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप है. इसके अलावा उन पर एक और महिला के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप है और इन आरोपों में उनका कोर्ट मार्शल हो रहा है. इस घटना के बाद तीन दिन तक कश्मीर घाटी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. सेना ने पहले मेजर रहमान हुसैन पर लगे इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया था मगर फिर मेजर रहमान के कोर्ट मार्शल के आदेश दिए गए थे. कोर्ट मार्शल 20 दिसंबर को शुरू हुआ था और इस दौरान 20 गवाहों से पूछताछ हुई जिनमें कथित रूप से प्रभावित लोग भी शामिल थे. सेना के प्रवक्ता का कहना है कि हालाँकि डीएनए जाँच ने मेजर रहमान को निर्दोष साबित कर दिया है मगर ‘कोर्ट मार्शल की कार्रवाई एक तर्कसंगत नतीजे तक जारी रहेगी.’ प्रवक्ता ने लांस हवलदार कृष्ण बहादुर का उदाहरण देते हुए कहा कि उन पर अनंतनाग ज़िले में एक महिला के साथ उसके ही घर में बलात्कार का आरोप था. जाँच के दौरान बहादुर को इन आरोपों से बरी कर दिया गया था मगर फिर भी उन्हें सेना से निकाल दिया गया था और महिला के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में एक साल की जेल की सज़ा सुनाई गई थी. साथ ही उस सैनिक को भी सेना से निकाल दिया गया था जो बहादुर के साथ उस महिला के घर गया था और इस घटना के बारे में सेना के अधिकारियों को सूचित नहीं किया था. |
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