| पाटिल ने कहा, सरकार का रुख़ लचीला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि सरकार कश्मीरी अलगाववादियों को पाकिस्तान जाने के बारे में लचीला रुख़ अपनाने के लिए तैयार है. भारत प्रशासित कश्मीर में स्थिति का जायज़ा लेने के लिए तीन दिन के दौरे पर गए पाटिल ने पहले दिन शनिवार को कहा है कि भारत सरकार ने कश्मीरी पृथकतावादी नेताओं के पाकिस्तान जाने की इजाज़त देने की संभावने से इनकार नहीं किया है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई प्रस्ताव आता है तो उस पर सरकार विचार कर सकती है. उधर पाटिल के वहाँ पहुँचने से कुछ ही घंटे पहले सोपोर में केंद्रीय सुरक्षा बल के एक शिविर पर हमला हुआ जिसमें एक जवान एक चरमपंथी मारा गया. हुर्रियत कान्फ्रेंस के एक धड़े के अध्यक्ष उमर फ़ारुक़ ने शुक्रवार को कहा था कि वे तब तक भारत सरकार के साथ बातचीत फिर से शुरू नहीं कर सकते जब तक कि उन्हें पाकिस्तान सरकार और वहाँ के कश्मीरी नेताओं के साथ बातचीत के लिए वहाँ जाने की इजाज़त नहीं दी जाती. पाटिल ने शनिवार को श्रीनगर में कहा, कि किसी के जाने या आने पर कोई पाबंदी नहीं है लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें हुर्रियत नेता उमर फ़ारूक़ का यह बयान अच्छा नहीं लगा कि उन्हें सरकार के साथ बातचीत शुरू करने से पहले पाकिस्तान जाने की इजाज़त दी जानी चाहिए. शिवराज पाटिल ने कहा कि अगर वे इसे एक सशर्त बातचीत बनाना चाहते हैं तो यह उनका रुख़ है लेकिन भारत सरकार की तरफ़ से इसके लिए कोई शर्त नहीं है. चार साल पहले सरकार ने हुर्रियत कान्फ्रेंस के एक प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तान जाने की इजाज़त नहीं दी थी. सरकार ने उस प्रतिनिधिमंडल में कट्टरपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी को शामिल किए जाने पर ऐतराज़ जताया था.
उसके बाद हुर्रियत कान्फ्रेंस का बँटवारा होकर उसके दो धड़े बन गए और गिलानी भारत सरकार के साथ इस साल के शुरू में बातचीत करने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं रहे हैं. हुर्रियत कान्फ्रेंस के एक धड़े के प्रतिनिधिमंडल की पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के साथ दो दौर की बातचीत हुई थी. उसके बाद केंद्र में सरकार बदल गई और शिवराज पाटिल ने इशारा दिया था कि बातचीत फिर से शुरू करने के बारे में प्रयास जारी है. शिवराज पाटिल ने शनिवार को कहा कि कश्मीर में हालात में सुधार आया है और राजनीतिक और आर्थिक हालात में और सुधार के लिए केंद्र सरकार ज़रूरी क़दम उठाएगी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह इस महीने के आख़िर में राज्य की यात्रा के दौरान इस बारे में घोषणा करेंगे. हमला राजधानी श्रीनगर से लगभग 50 किलोमीटर दूर सोपोर में हुए इस हमले में एक सुरक्षाकर्मी और एक चरमपंथी मारे गए. सीमा सुरक्षा बल के शिविर पर हमला तब हुआ जब चरमपंथियों ने शिविर पर धावा बोल दिया और ग्रेनेड फेंकते और गोलियाँ चलाते हुए शिविर में दाख़िल होने की कोशिश की. समाचार एजेंसियों के अनुसार सीमा सुरक्षा बल ने जवाब में गोलियाँ चलाईं जिनमें एक चरमपंथी मारा गया और एक अन्य भाग निकला. इस हमले में सीमा सुरक्षा बल का एक जवान मारा गया और तीन जख़्मी हो गए. चरमपंथियों ने श्रीनगर के लालमंडी इलाक़े में भी केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों पर भी हमला किया. |
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