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बातचीत में कश्मीरी शामिल हों-कसूरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही वार्ताओं में कश्मीरियों को भी शामिल किया जाना चाहिए. भारत के लिए रवाना होने से पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्री कसूरी ने कहा, "हम कश्मीरियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उन्हें दरकिनार नहीं किया जाएगा." उन्होंने कहा, "हम भारत सरकार को राज़ी करने की कोशिश कर रहे हैं कि वह कश्मीरियों को भी बातचीत में शामिल करे क्योंकि इससे बातचीत अधिक अर्थपूर्ण और विश्वसनीय होगी." पाकिस्तानी विदेश मंत्री दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह से मुलाक़ात करेंगे. कसूरी ने कहा है कि कश्मीर की समस्या के हल से दक्षिण एशिया में शांति की नई शुरूआत होगी. उन्होंने कहा, "मैं नहीं मानता कि कश्मीर कोई ऐसी समस्या है जिसका हल नहीं निकल सकता, इसके लिए सिर्फ़ राजनीति इच्छाशक्ति की ज़रूरत है." इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर उन्होंने कहा, "मैं कोई लंबे-चौड़े वादे तो नहीं कर सकता लेकिन हम समस्या को सुलझाने की दिशा में अपनी ऊर्जा लगाएँगे, मैं भारत के विदेश मंत्री से हर मुद्दे पर बातचीत करूँगा." साझा बयान इस बीच दिल्ली में शनिवार को सचिव स्तर की वार्ताएँ हुईं जिनमें भारत के विदेश सचिव श्याम शरण और पाकिस्तान के रियाज़ खोखर ने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की. इस बातचीत के बाद एक साझा बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया है कि दोनों पक्षों ने व्यापक बातचीत की प्रक्रिया के तहत सदभावपूर्ण वातावरण में सकारात्मक बातचीत की. बयान में कहा गया है कि दोनों तरफ़ से कई उपयोगी और रचनात्मक विचार सामने रखे गए और साथ ही बातचीत को आगे बढ़ाने के तरीक़ों पर भी चर्चा हुई. व्यापक बातचीत की प्रक्रिया के तहत आठ मुद्दों पर बातचीत हुई, ये मुद्दे हैं--शांति और सुरक्षा, जम्मू-कश्मीर, सियाचिन, सर क्रीक, वूलर बाँध, तुलबुल परियोजना, आतंकवाद-मादक पदार्थों की तस्करी और व्यापारिक सहयोग. सचिव स्तर की वार्ताओं का उद्देश्य विदेश मंत्रियों की बातचीत के लिए आधार तैयार करना था. |
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