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रविवार, 06 मार्च, 2005 को 04:54 GMT तक के समाचार
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पाकिस्तानी पीड़ित महिला को 'ख़तरा'
मुख्तार माई
मुख्तार माई का मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी उछाला गया था
पाकिस्तान में सामूहिक बलात्कार के एक मामले में पाँच अभियुक्तों को बरी कर देने के बाद पीड़ित महिला ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है.

मुख़्तार माई नामक इस महिला ने कहा है कि वह अदालत के फ़ैसले का ख़िलाफ़ सर्वोच्च न्यायालय में अपील करेंगी.

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुख़्तार माई के साथ तीन साल पहले हुए सामूहिक बलात्कार के मामले में पाँच लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई थी मगर बाद में अदालत ने फ़ैसला पलट दिया.

इस मामले के छठे व्यक्ति को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई.

लाहौर में इस मामले की सुनवाई करने वाले न्यायाधीशों का कहना था कि अपराध साबित करने के लिए सबूत पर्याप्त नहीं थे.

ख़तरा

 अदालत के फ़ैसले से मुझे दुःख पहुँचा है मगर मैं सुप्रीम कोर्ट में अपील करने जा रही हूँ
मुख़्तार माई

मुख़्तार माई का कहना है कि बरी किए गए अभियुक्त उन्हें नुक़सान पहुँचा सकते हैं.

इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा,"मुझे हालाँकि सुरक्षा दी गई है मगर फिर भी मेरे सामने अब ख़तरा बढ़ गया है".

उन्होंने कहा कि वे अब अपने गाँव जा रही हैं.

मुख़्तार माई ने कहा,"अदालत के फ़ैसले से मुझे दुःख पहुँचा है मगर मैं सुप्रीम कोर्ट में अपील करने जा रही हूँ".

बलात्कार का यह मामला फरवरी 2002 में सामने आया था.

कथित रूप से मुख़्तार माई के साथ सामूहिक बलात्कार का आदेश उनके गाँव के बुज़ुर्गों ने दिया था जब ऐसे आरोप लगे कि मुख़्तार माई के तब 12 वर्ष के भाई ने एक उच्च कुल की महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए हैं.

हालाँकि बाद में पता चला कि उनके भाई ने कोई अपराध नहीं किया था बल्कि कबीले के कुछ बड़े लोगों ने उसका शारीरिक शोषण किया था.

बाद में कुछ मानवाधिकार संस्थाओं ने इस मामले को उठाया और मामला अदालत तक गया.

मुख्तार माई को सरकार की तरफ से 9400 डालर का हर्ज़ाना भी मिला जिससे उन्होंने दो स्कूल खोले.

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